
मर्चेंट नेवी का पूर्व अधिकारी, 15 भाषाओं का ज्ञाता, अंकशास्त्री (Numerologist) और खुद को महादेव का अवतार बताने वाला अशोक खरात आज महाराष्ट्र पुलिस की गिरफ्त में है. जिस शख्स के दरबार में सूबे के बड़े-बड़े नेता और आला अफसर हाजिरी लगाते थे, वह पूजा के नाम पर महिलाओं के यौन शोषण और जादू-टोने के काले खेल का मास्टरमाइंड निकला. मर्चेंट नेवी से 'ढोंगी बाबा' तक का सफर...
अशोक खरात की शुरुआत मर्चेंट नेवी से हुई. अलग-अलग देशों में जाने के कारण उसे कई अंतरराष्ट्रीय भाषाएं बोलनी आती थीं. बाद में उसने भारत की दक्षिण भारतीय भाषाएं भी सीखीं. अशोक खरात करीब पंद्रह भाषाएं बोल सकता था. मर्चेंट नेवी में रहते हुए ही उसने अंकशास्त्र (न्यूमरोलॉजी) का अध्ययन शुरू किया और इसी के आधार पर लोगों का भविष्य बताने लगा. आगे चलकर वह अपने भक्तों से कहने लगा कि उसमें स्वयं भगवान महादेव का अवतार आता है. साथ ही वह ब्लैक मैजिक जानने का दावा करता था, जिससे कई लोग उससे डरते थे.
सत्ता और खाकी का 'कवच'
समय के साथ उसके पास राजनीतिक नेता भी आने लगे और वह उन्हें सलाह देने लगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक कई नेताओं से उसके संबंध बताए जाते हैं.
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के साथ भी उसके करीबी संबंध सामने आए हैं और दोनों के कई वीडियो वायरल हुए हैं. खुद को न्यूमरोलॉजिस्ट बताने वाले खरात के पास पुलिस भी कई बार जांच में मदद लेने पहुंचती थी. वह अंकशास्त्र के आधार पर दिशा और स्थान बताकर जांच में मार्गदर्शन करता था.
महिलाओं के यौन शोषण और जादू-टोना विरोधी कानून के तहत गिरफ्तार किए गए कैप्टन अशोक खरात के दरबार में कई अधिकारी भी आते थे. अंकशास्त्र के जरिए भविष्य बताने के नाम पर अधिकारी उससे प्रमोशन, पोस्टिंग और करियर से जुड़े सवाल पूछते थे.

अहमदनगर जिले के पाथर्डी और गवळणी क्षेत्रों में उसने कुछ अधिकारियों की पत्नियों के साथ मिलकर जमीन भी खरीदी थी. इसके अलावा उसने रिश्तेदारों के नाम पर भी जमीनें हासिल कीं.
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, रूपाली चाकणकर, पूर्व मंत्री दीपक केसरकर और भाजपा नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल समेत कई लोग उसके संपर्क में बताए जाते हैं.
रूपाली चाकणकर का नाम
खरात ने नाशिक के सिन्नर तालुका में 'ईशान्य ईश्वर देवस्थान ट्रस्ट' के नाम से एक मंदिर भी बनवाया, जिसके लिए उसने लोगों से फंड जुटाया. इस ट्रस्ट में रूपाली चाकणकर भी सदस्य थीं, हालांकि उनके अनुसार ट्रस्ट की अवधि अगस्त 2025 में समाप्त हो चुकी हैं, ऐसे चाकणकर ने बताया.. इसके अलावा नाशिक की एक शैक्षणिक संस्था में भी दोनों ट्रस्टी हैं.
महिलाओं को फंसाने का तरीका
घर और नौकरी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कई महिलाएं और युवतियां उसके पास जाती थीं. वह महिलाओं से कहता था कि संतान प्राप्ति के लिए 'पूजा' जरूरी है और इसी बहाने उनसे शारीरिक संबंध बनाता था. कुछ मामलों में वह महिलाओं से शादी करने का नाटक भी करता था. कई घटनाएं उसके नाशिक स्थित ऑफिस में हुईं.
नौकरी या निजी समस्या लेकर आने वाली महिलाओं को वह अंकशास्त्र के नाम पर अलग-अलग जगह बुलाता था. एक पीड़िता के अनुसार, उसने उसे धमकी दी कि अगर वह उसके साथ संबंध नहीं बनाएगी तो उसके पति की उम्र कम हो जाएगी.
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पति के बीमार होने के कारण महिला डर गई और उसने उसके साथ संबंध बनाए. राजनीतिक संपर्क, अधिकारियों से पहचान और प्रभाव का इस्तेमाल कर उसने कई लोगों को ठगा.
कैसे हुआ पर्दाफाश?
12 मार्च को शिर्डी में एक युवती ने नीरज जाधव नामक व्यक्ति के खिलाफ अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी की शिकायत दर्ज कराई. नीरज, खरात के यहां काम करता था. जांच में सामने आया कि निलेश जाधव नामक कर्मचारी ने एक युवती और खरात के आपत्तिजनक फोटो खींचे थे और उन्हें भेजकर ब्लैकमेल किया था.
पीड़िता ने पहले फोटो को फर्जी बताया, लेकिन बाद में उसने शिर्डी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जांच के दौरान पुलिस को निलेश के पास से कई वीडियो मिले. इसके बाद एक अन्य महिला ने नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई. इसी दौरान नासिक क्राइम ब्रांच एक अन्य खंडणी मामले की भी जांच कर रही थी. 17 मार्च की रात पुलिस ने अशोक खरात को उसके घर से हिरासत में ले लिया
इससे पहले दिसंबर में सिन्नर के वावी पुलिस स्टेशन में खंडणी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें खरात खुद शिकायतकर्ता था. 29 दिसंबर 2025 को उसने पुणे के राजेंद्र जासूद और मुंबई के दिनेश परब पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने का आरोप लगाया था. उसने दावा किया था कि दोनों उसके आपत्तिजनक फोटो के जरिए ब्लैकमेल कर रहे थे.
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लेकिन जांच में पुलिस को खुद खरात के कई आपत्तिजनक वीडियो मिले. इसके बाद 18 मार्च को राज्य सरकार ने इस मामले से जुड़े तीनों केस को मिलाकर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसका नेतृत्व IPS अफसर तेजस्विनी सातपुते कर रही हैं.
15 साल में खरात बना 200 करोड़ का मालिक
कैप्टन अशोक कुमार ने अंकशास्त्र के आधार पर न सिर्फ राजनीतिक नेताओं, बल्कि प्रशासन के सीनियर अफसरों और खाकी वर्दी वाले अफसरों का भविष्य बताकर, उन्हें साथ लेकर लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्ति इकट्ठा की, ऐसा अनुमान जांच एजेंसियां लगा रही हैं.

अशोक खरात की संपत्ति
नासिक (पाथर्डी): करीब 150 करोड़ की 30 एकड़ जमीन.
करीब 2 करोड़ रुपये कीमत की सिन्नर तालुका के कहांडळवाड़ी (मीरगांव) में 45 एकड़ जमीन.
30 करोड़ रुपये से अधिक बाजार मूल्य की जमीन पत्नी कल्पना और बेटी सृष्टि के नाम.
लगभग 10 करोड़ रुपये कीमत का सिन्नर तालुका के मीरगांव में मंदिर के पीछे स्थित भव्य फार्महाउस.
करीब 2 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर: इशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट.
लगभग 5 करोड़ रुपये की जमीन: जानोरी क्षेत्र में ओझर एयरपोर्ट के पास.
करीब 5 करोड़ रुपये का कर्मयोगीनगर स्थित बंगला और कनाडा कॉर्नर का ऑफिस लगभग 1 करोड़ रुपये का.
इसके अलावा, शिर्डी में भी बेहद प्राइम लोकेशन पर कृषि भूमि है, जिसकी कीमत भी करोड़ों में बताई जा रही है.