यह खुशियों भरे एक सफर की शुरुआत थी. दिल्ली की रहने वाली 27 वर्षीय राधा गायत्री अपने पति सौम्य श्रीचरण के साथ पहाड़ों की वादियों में कुछ खूबसूरत पल बिताने निकली थीं. दोनों ने हाल ही में शादी की थी और इस बार मसूरी-धनोल्टी की हसीन वादियों में सौम्य का जन्मदिन मनाने की योजना बनाई थी.
13 जून को दोनों ऋषिकेश पहुंचे और घूमने-फिरने के बाद रविवार देर रात मसूरी-धनोल्टी रोड स्थित एक होमस्टे में ठहरे. रात करीब 11:30 बजे दोनों ने कियाना होमस्टे में चेक-इन किया. बताया जाता है कि जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए दोनों ने साथ में खाना खाया और शराब भी पी. देर रात करीब साढ़े तीन बजे दोनों सोने चले गए. लेकिन अगली सुबह जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया.
सुबह होमस्टे के एक कमरे से अचानक हड़कंप मच गया. सूचना मिली कि एक महिला अचेत अवस्था में पड़ी है. जब पुलिस और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने राधा गायत्री को मृत घोषित कर दिया.
कमरे के अंदर का दृश्य कई सवाल खड़े कर रहा था. राधा का शव फर्श पर पड़ा था. बिस्तर की चादर पर खून के निशान थे. कमरे में दो खाली शराब की बोतलें और खाने-पीने का सामान भी मौजूद था. पति का दावा था कि सुबह उठने पर उन्होंने पत्नी को अचेत पाया. उनके अनुसार, राधा की नाक से खून निकल रहा था और यूरिन भी निकल गया था, शरीर में कोई हलचल नहीं थी.
घटना की खबर मिलते ही राधा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जिस बेटी को खुशहाल जिंदगी की शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया था, उसकी मौत की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया. राधा के पिता पी. सुधाकर ने पुलिस में शिकायत देकर पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान नहीं मिले
मंगलवार को देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया. हैरानी की बात यह रही कि शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले. हालांकि मौत का असली कारण अभी भी रहस्य बना हुआ है.
सच्चाई तक पहुंचने के लिए डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है, जिसकी वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी. पुलिस का कहना है कि विस्तृत पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि राधा गायत्री की मौत कैसे हुई.
फिलहाल यह मामला कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है. जन्मदिन मनाने के लिए शुरू हुआ यह सफर आखिर एक रहस्यमयी मौत में कैसे बदल गया, इसका जवाब अब जांच रिपोर्ट ही दे पाएगी.