Gurvinder Singh killing: मोहाली के गुरविंदर सिंह हत्याकांड ने पूरे पंजाब में सनसनी फैला दी थी. कोर्ट परिसर जैसे सुरक्षित इलाके में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए. यह वारदात 28 जनवरी 2026 को हुई, जब गुरविंदर सिंह कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे थे. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. इस मामले में गोल्ड़ी बराड़ का नाम से पुलिस भी सकते में आ गई है.
कोर्ट में पेशी के बाद हुआ मर्डर
पुलिस के मुताबिक, गुरविंदर सिंह अपनी पत्नी अमरदीप कौर के साथ मोहाली कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के लिए आए थे. दोनों अपनी हुंडई i-20 कार से पहुंचे और जिला प्रशासनिक परिसर के पास ACC सोसायटी के बाहर गाड़ी खड़ी की. सुनवाई खत्म होने के बाद करीब 3 बजे जैसे ही वे कार की ओर बढ़े, घात लगाए हमलावर ने गोली चला दी. गोली लगते ही गुरविंदर सिंह जमीन पर गिर पड़े.
मौके पर ही हुई मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर ने बेहद नजदीक से गोली चलाई. गुरविंदर सिंह को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. वारदात इतनी तेजी से हुई कि लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपी फरार हो चुके थे. कोर्ट परिसर के बाहर गोलियों की आवाज से दहशत फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे.
पत्नी के बयान से खुला केस
इस मामले में FIR नंबर 23 दिनांक 28 जनवरी 2026 को थाना सोहाना में दर्ज की गई. FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 109, 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत दर्ज हुई. मृतक की पत्नी अमरदीप कौर ने अपने बयान में कहा कि उनके पति को पहले से धमकियां मिल रही थीं. उन्होंने शक जताया कि इस हत्या के पीछे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का हाथ हो सकता है.
गैंगस्टर का नाम आने से गंभीर हुआ केस
अमरदीप कौर के बयान में गोल्डी बराड़ का नाम सामने आते ही पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया. गोल्डी बराड़ पहले से ही कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं और गैंगवार से जुड़ा रहा है. पुलिस को शक था कि यह हत्या पूरी प्लानिंग के तहत करवाई गई है. इसके बाद तकनीकी जांच और सर्विलांस तेज कर दिया गया.
CCTV फुटेज से खुली साजिश
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के तमाम CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. सामने आया कि दो आरोपी काले रंग की बजाज पल्सर बाइक पर आए थे. एक आरोपी ने गोली मारी और दोनों मौके से बाइक पर फरार हो गए. CCTV फुटेज में उनकी भागने की दिशा और मूवमेंट साफ दिखाई दी.
बाइक से कार तक बदला गया प्लान
CCTV विश्लेषण में यह भी सामने आया कि कुछ दूरी पर आरोपी एक सफेद होंडा अमेज कार से मिले. यहां एक आरोपी बाइक छोड़कर कार में बैठ गया. इतना ही नहीं, दोनों ने कपड़े भी बदले ताकि पहचान न हो सके. इसी रणनीति के चलते शुरुआती तौर पर आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहे.
सामने आया मास्टरमाइंड का नाम
तकनीकी सर्विलांस, वैज्ञानिक सबूत और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि हत्या गोल्डी बराड़ के इशारे पर की गई. इस साजिश में उसके करीबी सहयोगी विक्की सिंह उर्फ विक्की सट्टेवाला और रवि कुमार उर्फ रवि फरीदकोटिया भी शामिल थे. हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी और हर कदम पहले से तय था.
पहली गिरफ्तारी से मिला अहम सुराग
इस केस में पहली बड़ी गिरफ्तारी 2 फरवरी 2026 को हुई. पुलिस ने फरीदकोट जिले के तेहना गांव निवासी बलतेज सिंह उर्फ बंटी को गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने कबूल किया कि वही होंडा अमेज कार चला रहा था. उसकी निशानदेही पर कार (UP-14-CD-6847) भी बरामद कर ली गई.
दूसरी गिरफ्तारी के बाद जुड़ी कड़ियां
इसके बाद 3 फरवरी 2026 को फाजिल्का जिले के जलालाबाद निवासी मंगत सिंह उर्फ मैक्स को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार, मंगत सिंह ने लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था और दोनों वाहन उपलब्ध कराए थे. उसकी जानकारी पर काली बजाज पल्सर बाइक (PB-22-D-5444) भी बरामद हुई.
नामजद आरोपी और फरार बदमाश
इस हत्याकांड में कुल पांच आरोपी नामजद किए गए हैं. इनमें गोल्डी बराड़, बलतेज सिंह उर्फ बंटी (गिरफ्तार), मंगत सिंह उर्फ मैक्स (गिरफ्तार), विक्की सिंह उर्फ विक्की सट्टेवाला और रवि कुमार उर्फ रवि फरीदकोटिया शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है.
जारी रहेगी कार्रवाई
एसएसपी मोहाली हरमनदीप सिंह हंस ने कहा कि यह जांच अभी खत्म नहीं हुई है. पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. इस केस ने एक बार फिर दिखा दिया है कि गैंगस्टर नेटवर्क किस तरह कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा है. पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है.