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सलमान खान के पिता से ₹20 लाख की ठगी करने वाला गिरफ्तार, आदित्य पंचोली को लगाया था लाखों का चूना

गुरुग्राम पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय गोल्ड कॉइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरोह अमीर और पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाकर असली सोने के नाम पर नकली सिक्के थमाकर करोड़ों की ठगी करता था.

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गुरुग्राम पुलिस ने गोल्ड कॉइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया और उसके सरगना समेत चार ठगों को गिरफ्तार किया. (Photo: X/@GurugramPolice)
गुरुग्राम पुलिस ने गोल्ड कॉइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया और उसके सरगना समेत चार ठगों को गिरफ्तार किया. (Photo: X/@GurugramPolice)

गुरुग्राम पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गोल्ड कॉइन ठगी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 2 करोड़ रुपये से अधिक नकदी और 678 ग्राम सोना बरामद किया गया है. पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी. गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात के वडोदरा निवासी सोलंकी प्रभुभाई गुलशनभाई उर्फ कल्पेश उर्फ रवि शामिल है, जिसे गिरोह का सरगना बताया जा रहा है.

अन्य आरोपियों की पहचान दिल्ली के निहाल विहार निवासी पंकज शर्मा, वडोदरा के कारेली बाग निवासी मनीष कमलेश शाह और रामदेव नगर निवासी ईश्वर मारवाड़ी के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, प्रभुभाई और पंकज शर्मा को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया, जबकि मनीष शाह और ईश्वर मारवाड़ी को बुधवार को गुजरात से पकड़ा गया. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रभुभाई के खिलाफ महाराष्ट्र में 2 और गुजरात में 7 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं. 

डीसीपी (क्राइम) हितेश यादव ने बताया कि प्रभुभाई पिछले 25 वर्षों से ठगी के धंधे में सक्रिय है और उसकी अधिकांश आपराधिक गतिविधियां मुंबई और गुजरात में रही हैं. अपराध से अर्जित पैसे से उसने दिल्ली-मुंबई रोड पर करजन-लाकोद्रा में होटल भी खरीदा था. पुलिस के अनुसार, करीब 15 साल पहले उसने बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली से 25 लाख रुपये और सलमान खान के पिता सलीम खान से 20 लाख रुपये की ठगी की थी. ठगी के पैसे से उसने चार शादियां कीं और 'Love You' नाम की एक गुजराती फिल्म भी बनाई.

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पुलिस ने बताया कि गिरोह पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाता था. गिरोह के सदस्य खुद को गरीब मजदूर बताकर असली सोने-चांदी के कुछ सिक्के दिखाते थे और दावा करते थे कि ये खुदाई के दौरान मिले हैं. जब खरीदार असली सोना देखकर भरोसा कर लेता, तो सौदा तय होने पर उसे सोने की जगह सोना-चढ़े तांबे के नकली सिक्के देकर फरार हो जाते थे. डीसीपी हितेश यादव ने बताया, 'गिरोह की दो महिला सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, जो फिलहाल कोटा जेल में बंद हैं.'

इस गिरोह की तलाश 1 अप्रैल को शुरू हुई, जब गुरुग्राम के एक एक्सपोर्टर ने सुषांत लोक थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के मुताबिक, 13 फरवरी को एक व्यक्ति ने सस्ते दाम पर सोने-चांदी के सिक्के बेचने का झांसा दिया और 2 मार्च को उससे करीब 2.49 करोड़ रुपये नकद और 500 ग्राम सोना लेकर नकली सिक्के थमा दिए. जांच के दौरान सेक्टर-43 क्राइम यूनिट की टीम ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया. 

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