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केरल: एंटीक चीजों के नाम पर लोगों से ठगे 10 करोड़, कांग्रेस ने की CBI जांच की मांग

मॉनसन मावुंकल यूट्यूबर है. उन्हें 26 सितंबर को क्राइम ब्रांच ने 10 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था. मॉनसन केरल के अलाप्पुझा जिले के चेरथला का रहने वाला है. वह पिछले कई सालों से खुद को प्राचीन और एंटीक वस्तुओं का संग्रहकर्ता बताता था.

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मोनसन मावुंकल यूट्यूबर है (फाइल फोटो)
मोनसन मावुंकल यूट्यूबर है (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 26 सितंबर को गिरफ्तार हुआ मॉनसन मावुंकल
  • केरल के अलाप्पुझा जिले के चेरथला का रहने वाला है

एंटीक चीजों के नाम पर लोगों से 10 करोड़ रुपए ठगने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर मॉनसन मावुंकल को 9 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. यह आदेश एर्नाकुलम कोर्ट ने शनिवार को दिया. 

मॉनसन मावुंकल पर आरोप है कि वह कई राजनेताओं, अभिनेताओं और यहां तक की पुलिस अफसरों का भी करीबी है. इससे पहले शनिवार को केरल कांग्रेस के अध्यक्ष वीएम सुधीरन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. 

कई पुलिस अफसर मामले में शामिल

सुधीरन ने आरोप लगाया कि मोनसन मावुंकल के साथ कई पुलिस अफसर भी इसमें शामिल हैं. उन्होंने कहा, हमें उम्मीद नहीं है कि क्राइम ब्रांच की जांच में इस मामले में कोई तथ्य निकलकर सामने आएगा या नहीं. क्योंकि इस मामले में कई पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं. 

26 सितंबर को गिरफ्तार हुआ मोनसन 

मॉनसन मावुंकल यूट्यूबर है. उन्हें 26 सितंबर को क्राइम ब्रांच ने 10 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था. मॉनसन केरल के अलाप्पुझा जिले के चेरथला का रहने वाला है. वह पिछले कई सालों से खुद को प्राचीन और एंटीक वस्तुओं का संग्रहकर्ता बताता था. आरोप है कि मोनसन अपने पास टीपू सुल्तान का सिंहासन, औरंगजेब की अंगूठी, छत्रपति शिवाजी की भगवद गीता की प्रति, सेंट एंटनी के नाखून जैसी दुर्लभ चीजे होने का दावा करता था और उसने इन्हीं के आधार पर लोगों से करोड़ो रुपए की ठगी की. 
 
आरोपी मॉनसन ने कई लोगों से यह कहकर पैसे उधार लिए थे कि आरबीआई नियमों के चलते उसका 2.6 लाख करोड़ रुपए विदेशी खाते में फंस गया. उसने दावा किया था कि उसे यह पैसा अरब के रॉयल फैमिली द्वारा एंटीक सामान बेचने पर मिला है, और उसे इस पैसे को निकालने के लिए कुछ पैसा चाहिए. 

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बढ़ई से बनवाकर बेचता था सामान

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जब मॉनसन के एक दफ्तर में छापा मारा गया, यहीं से वह फर्जी एंटीक सामानों को बेचता था. यहां कुछ वास्तविक प्राचीन वस्तुएं भी थीं, लेकिन वे महंगी नहीं थीं, जितना वह दावा करता था. इसके अलावा कुछ ऐसी वस्तुएं भी थीं जो तिरुवनंतपुरम के एक बढ़ई द्वारा बनाई गई थीं. 


 

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