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अर्श से फर्श तक: जेल में ऐसी जिंदगी जी रही है इंद्राणी

इंद्राणी की जड़ें असम में थीं. लेकिन अरमानों का आसमान मुंबई बना. इंद्राणी ने कामयाबी की ऐसी बुलंद उड़ान भरी कि मीडिया के शीर्ष पर पहुंच गई. एक एचआर मैनेजर से सीधे एक कंपनी की सीईओ बन गई. उसका चेहरा देखकर कैमरों के फ्लैश चमकने लगे.

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बंगले में रहने वाली इंद्राणी छोटी सी कोठरी में दिन काट रही है. बंगले में रहने वाली इंद्राणी छोटी सी कोठरी में दिन काट रही है.

इंद्राणी की जड़ें असम में थीं. लेकिन अरमानों का आसमान मुंबई बना. इंद्राणी ने कामयाबी की ऐसी बुलंद उड़ान भरी कि मीडिया के शीर्ष पर पहुंच गई. एक एचआर मैनेजर से सीधे एक कंपनी की सीईओ बन गई. उसका चेहरा देखकर कैमरों के फ्लैश चमकने लगे.

अब जब बदनामी की ठोकर खाकर झटका लगा, तो मीडिया के कैमरे पीछे लग गए. इंद्राणी पहले पेज-3 पार्टीज में दिखती थीं. अब अपराध गाथाओं में दिख रही हैं. जबसे आरोपों की छींटे दामन पर पड़े हैं, वक्त सलाखों में कट रहा है. बंगले में रहने वाली छोटी सी कोठरी में दिन काट रही है.

जानकारी के मुताबिक, इंद्राणी को बिना बिजली वाले एक छोटे कमरे में रखा गया है. बिछाने की खातिर एक चटाई दी गई है. ओढ़ने के लिए एक कंबल दिया गया है. मसनदों के सहारे सोने वाली इंद्राणी को तकिया तक नहीं दिया गया है.

इंद्राणी जिस कमरे में सोती है, वहां पंखा नहीं है. बस एक रोशनदान है, जिससे हवा का झोंका आ जाता है. सुबह साढ़े सात बजे नाश्ते में पुलिस इंद्राणी को चाय और पाव देती है. दोपहर को साढ़े बारह बजे और रात साढ़े आठ बजे खाने में रोटी, दाल और सब्जी दी जाती है.

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