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प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना संक्रमित डॉक्टर ठीक, पर इस वजह से चली गई जान

केजीएमयू पीआरओ के मुताबिक प्लाज्मा थेरेपी देने के बाद उनके फेफड़ों में काफी सुधार आया था. वेंटिलेटर की आवश्यकता भी कम हो गयी थी.

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सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)
सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)

  • उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित डॉक्टर की मौत
  • यूपी में अब तक 3 हजार से ज्यादा कोरोना मरीज

देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना वायरस के चपेट में आ रहे हैं. वहीं अब उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड के कोरोना संक्रमित डॉक्टर की लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में मौत हो गई है.

58 वर्षीय उरई निवासी डॉक्टर केजीएमयू के कोरोना वार्ड में भर्ती थे. जहां उनकी शनिवार को मौत हो गई. डॉक्टर कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए गए थे. डॉक्टर की पत्नी में भी कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया था. वहीं ये पहले ऐसे मरीज थे, जिनको यहां प्लाज्मा थेरेपी दी गयी थी.

केजीएमयू पीआरओ के मुताबिक प्लाज्मा थेरेपी देने के बाद उनके फेफड़ों में काफी सुधार आया था. वेंटिलेटर की आवश्यकता भी कम हो गयी थी. हालांकि उनको यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) हो गया. इसके लिए उनका पूरा उपचार किया गया. रोगी की डायलिसिस भी की गई. लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

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केजीएमयू पीआरओ के मुताबिक शनिवार को दो बार मरीज की कोरोना रिपोर्ट नेगिटिव आई थी. साथ ही पत्नी की भी दोनों रिपोर्ट निगेटिव आई हैं. वहीं अब पत्नी को डिस्चार्ज किया जाएगा. बता दें कि उत्तर प्रदेश में हर रोज कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों में इजाफा देखा जा रहा है. राज्य में अब तक 3 हजार से ज्यादा कोरोना मरीजों की पुष्टि हो चुकी है.

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