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जब 'लीडर' ही नहीं चलेगा तो यही होगा! दुनिया के ये टॉप- 5 बाजार मस्त... भारत पस्त

मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) सबसे बड़ी कंपनी है. पिछले एक साल में इसने निवेशकों को कोई रिटर्न नहीं दिया है, स्टॉक पिछले एक साल में करीब 6 फीसदी गिरा है. जबकि दुनियाभर के बाजारों में लीडर कंपनी ने जोरदार रिटर्न दिया है.

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भारतीय बड़ी कंपनियों का फीका प्रदर्शन. (Photo: AI Generated)
भारतीय बड़ी कंपनियों का फीका प्रदर्शन. (Photo: AI Generated)

भारतीय शेयर बाजार में इतना दबाव क्यों है? दुनियाभर के बाजार भाग रहे हैं, लेकिन भारतीय बाजार भागना तो दूर, और पीछे लुढ़क रहा है. पिछले एक साल में निफ्टी ने 5 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है. जबकि पिछले 5 साल में निफ्टी का रिटर्न देखें तो महज 50 फीसदी रहा है. यानी निवेशकों को पिछले दो वर्षों में कोई मुनाफा नहीं हुआ है, उल्टा कैपिटल पर ग्रहण लगा है.

जबकि इस दौरान अमेरिका, जापान, दक्षिण अफ्रीका और ताइवान के बाजार ने उम्मीद से ज्यादा रिटर्न दिए हैं. पिछले एक साल के आंकड़े बता रहे हैं कि भारतीय बाजार बिल्कुल पस्त पड़ा है, आखिर क्यों? क्या विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली एकमात्र कारण है? तमाम एक्सपर्ट्स की मानें तो बाजार में दबाव के मुख्यतौर पर कई कारण हैं, उनमें से एक बड़ा कारण बड़ी कंपनियों का प्रदर्शन दबाव में रहना है. 

भारतीय बाजार को देखें तो यहां मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) सबसे बड़ी कंपनी है. फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप 18 लाख करोड़ रुपये से भी कम है, जबकि एक समय इस कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 21 लाख करोड़ तक पहुंच गया था, पिछले एक साल में इसने निवेशकों को कोई रिटर्न नहीं दिया है, स्टॉक पिछले एक साल में करीब 6 फीसदी गिरा है. 

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अब जब देश की सबसे बड़ी कंपनी ही नहीं चलेगी, तो फिर बाजार का चलना कैसे संभव है? आंकड़ों को देखें तो बाजार की तेजी में सबसे बड़ा रोल दिग्गजों का कंपनियों का होता है. जबकि मार्केट कैप के हिसाब से भारत की टॉप-5 कंपनियों ने पिछले एक साल में निवेशकों को निराश किया है. भारतीय बाजार में तेजी को RIL, HDFC Bank, TCS और इंफोसिस जैसी कंपनियां लीड करती हैं, लेकिन जब लीडर ही नहीं चलेगा तो फिर बाजार का पस्त पड़ना लाजिमी है, और भारतीय बाजार में यही हो रहा है.

वहीं ग्लोबल मार्केट की तेजी में लीडर कंपनियों का सबसे बड़ा योगदान रहा है. उदाहरण के तौर पर आप दुनिया के इन 5 बाजारों को ले सकते हैं, जहां सबसे ज्यादा तेजी है. 


1. दक्षिण कोरिया का बाजार 
पिछले एक साल में दक्षिण कोरिया के बाजार ने करीब 200 फीसदी का रिटर्न दिया है. फिलहाल मार्केट कैप के हिसाब से सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) सबसे बड़ी कंपनी है, इसने पिछले एक साल में निवेशकों को बेहद शानदार और मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बूम और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स की भारी मांग के कारण कंपनी के शेयरों में ऐतिहासिक तेजी आई है.

ताजा आंकड़ों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर (चिप) मार्केट में आई भारी तेजी की बदौलत सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का मार्केट कैप इतिहास में पहली बार $1.3 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है. अकेले सैमसंग ग्रुप का दक्षिण कोरिया की कुल जीडीपी (GDP) में लगभग 20% का योगदान रहता है. पिछले एक साल में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर की कीमत में करीब 4.6 गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 

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2. जापान कोरिया का बाजार 
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयर्स में आई भारी तेजी के कारण फिलहाल सॉफ्टबैंक ग्रुप (SoftBank Group Corp.) जापान की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है. इसका मार्केट कैप (Market Capitalization) लगभग $298 अरब डॉलर से अधिक का है. पिछले एक साल में सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयर की कीमत में करीब 3.7 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 

3. ताइवान का बाजार 
फिलहाल ताइवान की सबसे बड़ी कंपनी का नाम TSMC (Taiwan Semiconductor Manufacturing Company) है. चाहे बाजार मूल्य (Market Cap) हो, मुनाफा हो या वैश्विक स्तर पर उसका प्रभाव, TSMC न केवल ताइवान की सबसे बड़ी कंपनी है, बल्कि वर्तमान में दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक है. ताइवान के शेयर बाजार में अकेले इस कंपनी की हिस्सेदारी 42% से अधिक है. फिलहाल TSMC का मार्केट कैप $2.1 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है. यह इसे दुनिया की छठी सबसे मूल्यवान कंपनी बनाता है. 

यह दुनिया की सबसे बड़ी फाउंड्री (चिप बनाने वाली फैक्ट्री) है, यह खुद के नाम से चिप्स नहीं बेचती, बल्कि दुनिया की दिग्गज कंपनियों जैसे Apple, NVIDIA, AMD, और Qualcomm के डिजाइनों को वास्तविक प्रोसेसर और AI चिप्स में बदलती है. दुनिया के 90% से अधिक सबसे एडवांस (एडवांस्ड माइक्रोचिप्स) इसी कंपनी द्वारा ताइवान में बनाए जाते हैं.

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4. अमेरिका का बाजार
अमेरिका की सबसे बड़ी कंपनी का खिताब एक नया इतिहास रचते हुए एनवीडिया (NVIDIA) ने अपने नाम कर लिया है. AI में पकड़ की वजह एनवीडिया ने माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है, एनवीडिया का कुल बाजार मूल्य लगभग $5.2 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है. एनवीडिया मुख्य रूप से AI और डेटा सेंटर्स को पावर देने वाले दुनिया के सबसे एडवांस Graphics Processing Units (GPUs) और चिप्स बनाती है. पिछले एक साल में एनवीडिया के शेयर ने लगभग 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है.  

5. चीन का शेयर बाजार 
मार्केट कैप के पैमाने से फिलहाल टेंसेंट (Tencent Holdings) चीन की सबसे बड़ी कंपनी है. यह दुनिया की भी सबसे बड़ी गेमिंग और सोशल मीडिया कंपनियों में से एक है, इसके ठीक पीछे ई-कॉमर्स दिग्गज अलीबाबा (Alibaba Group) का नंबर आता है. Tencent Holdings के स्टॉक ने पिछले एक साल में निवेशकों को अच्छा रिटर्न नहीं दिया है. क्योंकि चीन के टेक सेक्टर पर लगे कुछ रेगुलेटरी दबावों के कारण टेंसेंट के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है. लेकिन बाकी बड़ी कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. 

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