
सोमवार की शाम सोने-चांदी की कीमतों में अचानक तगड़ी गिरावट देखी गई. सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए ये अच्छी खबर है. दरअसल, इस समय चांदी से ज्यादा सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है. वैसे दिन की शुरुआत गिरावट के साथ ही हुई थी, लेकिन देर शाम गिरावट और तेज हो गई.
अगर भाव की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) सोने की कीमत 1 फीसदी से ज्यादा टूटकर 1,49,159 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई. इस हिसाब से सोना करीब 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम ज्यादा सस्ता हुआ है. इससे पहले सोमवार की सुबह सोना खुलते ही 1,443 रुपये टूटकर 1,50,056 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था, जो पिछले सत्र में 1,51,499 रुपये पर बंद हुआ था.
वहीं चांदी में सोमवार देर शाम करीब 2500 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई. चांदी गिरकर 223000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. जबकि ओपनिंग के वक्त चांदी की कीमतों में करीब 1,400 रुपये गिरावट देखी गई थी. सोने और चांदी के दामों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य कारण देश और दुनिया में खुदरा महंगाई दर का लगातार बढ़ना है.
सोमवार शाम को ही खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) के आंकड़े सामने आए हैं. जो कि करीब 22 महीने के उच्चतम स्तर पर है, सितंबर महीने में रिटेल महंगाई अनुमानों से ज्यादा 5.54% पर पहुंच गई. इससे पहले अगस्त में खुदरा महंगाई दर 4.82% दर्ज की गई थी.
खुदरा महंगाई दर का असर
जब खुदरा महंगाई दर ऊंची बनी रहती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती टाल देते हैं या उन्हें उच्च स्तर पर बनाए रखते हैं. ऊंचे ब्याज दरों के माहौल में बॉन्ड यील्ड और बैंक डिपॉजिट जैसे विकल्प अधिक आकर्षक हो जाते हैं, जिससे बिना ब्याज या लाभांश देने वाले सोने-चांदी की मांग घट जाती है और कीमतों पर दबाव बनता है.
भारी गिरावट का शिकार हुई चांदी
चांदी की कीमतों में आई गिरावट बेहद चौंकाने वाली है. चालू वर्ष के जनवरी महीने में चांदी ने वायदा बाजार में रिकॉर्ड बनाते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर छू लिया था. हालांकि बढ़ती महंगाई, औद्योगिक मांग में सुस्ती और ऊंची ब्याज दरों की वजह से चांदी में लगातार बिकवाली देखी गई. सोमवार को आई ताजा गिरावट के बाद अब 1 किलोग्राम चांदी अपने ऑल-टाइम हाई लेवल से लगभग 1.96 लाख रुपये सस्ती होकर 2,23,326 रुपये पर उपलब्ध है.

सोने की कीमतों में बीते डेढ़ महीने के दौरान जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 31 अगस्त को एमसीएक्स पर 10 ग्राम सोने का भाव 1,55,484 रुपये था, जो खुदरा महंगाई और मौद्रिक नीतियों के कड़े संकेतों के चलते 30 सितंबर तक फिसलकर 1,49,036 रुपये पर आ गया था. हालांकि, अक्टूबर की शुरुआत में त्योहारों से पहले कुछ सुधार दर्ज किया गया था. लेकिन सोमवार को खुदरा महंगाई दर के ताजा दबाव के बाद सोना एक बार फिर 1.50 लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ दिया है.
खुदरा महंगाई बढ़ने से आम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति प्रभावित होती है, जिससे दैनिक जीवन के खर्चों का बजट बढ़ जाता है. इसका सीधा असर सर्राफा बाजार में खुदरा मांग पर पड़ता है. त्योहारों और शादियों के सीजन के बावजूद आम खरीदार खरीदारी टाल रहे हैं या कम मात्रा में सोना-चांदी खरीद रहे हैं. संस्थागत निवेशक भी महंगाई से निपटने के लिए सुरक्षित संपत्तियों की जगह डेट फंड्स और फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं.
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक खुदरा महंगाई दर नियंत्रण में नहीं आती और केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में ढील देने का स्पष्ट संकेत नहीं देते, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में सीमित तेजी ही देखने को मिलेगी. खुदरा खरीदारों और लंबी अवधि के निवेशकों को भारी गिरावट के दौरान किस्तों में खरीदारी करनी चाहिए.