scorecardresearch
 

8th Pay Commission: सिर्फ एक बदलाव... फिर 4 गुना बढ़ जाएगी सैलरी, 8वें वेतन आयोग में उठ रही मांग!

8वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की मांग की जा रही है, लेकिन यह बढ़ोतरी तभी होगी, जब आयोग फिटमेंट फैक्‍टर को ज्‍यादा करेगा. आइए जानते हैं फिटमेंट फैक्‍टर क्‍या है और यह आपकी सैलरी को कितना बढ़ा सकता है.

Advertisement
X
8वां वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी की मांग. (Photo: File/ITG)
8वां वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी की मांग. (Photo: File/ITG)

8वां वेतन आयोग इन दिनों हर राज्‍य के साथ बैठक कर रहा है और कर्मचारियों की मांगों पर विचार कर रहा है. कर्मचारियों ने आठवें वेतन आयोग के सामने कई मांगें रखी हैं, जिसमें सैलरी बढोतरी, फिटमेंट फैक्‍टर और पुरानी पेंशन योजना बहाली जैसी मांग शामिल हैं. 

इन मांगों पर चर्चा और विचार करने के बाद आठवां वेतन आयोग सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद सरकार फैसला लेते हुए सैलरी में बढ़ोतरी कर सकता है. साथ ही कर्मचारियों को खर्च से टैकल करने के लिए अलाउंस का भी तोहफा दे सकती है. हालांकि, अभी तक सिर्फ मांग ही रखी गई है. अधिकारिक तौर पर सरकार की तरफ से कोई ऐलान नहीं किया गया है. 

लेकिन जब सरकार कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी करेगी, तो फिटमेंट फैक्‍टर का रोल काफी खास होगा. फिटमेंट फैक्‍टर से तय हो सकता है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ सकती है. आइए जानते हैं क्‍या है फिटमेंट फैक्‍टर और अभी कितनी बढ़ाने की मांग की जा रही है और इसके बढ़ने कितनी सैलरी बढ़ सकती है. 

फिटमेंट फैक्टर क्या है?
जब भी वेतन आयोग की नई सिफारिशें लागू होती हैं, तो कर्मचारी के मौजूदा बेसिक सैलरी को संशोधित बेसिक सैलरी में बदलने के लिए फिटमेंट फैक्टर का उपयोग किया जाता है. यह वेतन रिवैल्‍यूवेशन का आधार बनता है और समग्र मुआवजे पर सीधा असर डालता है. 

Advertisement

जैसे- सातवें वेतन आयोग के तहत सरकार ने ज्‍यादातर कर्मचारियों के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर अपनाया. जिस कारण मिनिमम बेसिक सैलरी छठे वेतन आयोग के तहत ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया. 

महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन लाभ और पेंशन कैलकुलेशन जैसे भत्ते बेसिक सैलरी से जुड़े होते हैं, इस कारण किसी कर्मचारी की कुल आय तय करने में फिटमेंट फैक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. 

फिटमेंट फैक्‍टर कितना बढ़ाने पर चर्चा 
कई कर्मचारी संगठनों ने 2.86 और 3.68 के बीच एक प्रस्‍ताव रखा है. यह तर्क देते हुए कि बढ़ती जीवन लागत, महंगाई और घरेलू खर्च पैटर्न में बदलाव एक बड़े वेतन संशोधन को उचित ठहराते हैं. वहीं कुछ संगठनों ने पांच तरह के फिटमेंट फैक्‍टर में बदलाव की मांग की है. 

स्तर 1-5 2.92
स्तर 6-8 3.50
स्तर 9-12 3.80
स्तर 13-16 4.09
स्तर 17-18 4.38

4 गुना बढ़ सकती है सैलरी
अगर इस प्रस्‍ताव के तहत सैलरी बढ़ती है तो मौजूदा स्‍तर 18 बेसिक सैलरी ₹2,50,000 चार गुना बढ़कर ₹10,95,000  हो सकती है, जिसके तहत प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 4.38 होगा. इसका मतलब यह है कि महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते जोड़ने से पहले, केवल मूल वेतन में ही लगभग ₹8.45 लाख प्रति माह की बढ़ोतरी होगी. निचले स्तर पर 2.92 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर न्यूनतम मूल वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹52,600 करने का प्रस्ताव दिया है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement