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यूटिलिटी

Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: 320kmh की स्‍पीड... फिर अचानक आ जाए भूंकप, तो बुलेट ट्रेन का क्‍या होगा?

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
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मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का काम तेजी चल रहा है. अनुमान है कि अगस्‍त 2027 में भारत की पहली बुलेट ट्रेन पटरियों पर दौड़ने लगेगी. थाणे से लेकर भरूच तक के स्‍टेशन का काम लगभग पूरा ही होने वाला है. उम्‍मीद की जा रही है कि जल्‍द ही बाकी काम भी पूरा कर लिया जाएगा.

अनुमानित स्‍पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा
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सभी काम पूरा होने के बाद पटरियों पर ट्रॉयल रन होगा, जिसके बाद बुलेट ट्रेन को कुछ दूरी के लिए चालू कर दिया जाएगा और बाद में धीरे-धीरे करके सारा काम पूरा किया जाएगा. इस ट्रेन की अनुमानित स्‍पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा है. 

320 किलोमीटर की स्‍पीड से बुलेट ट्रेन चले और अचानक भुकंप आ जाए, तो क्‍या
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ऐसे में एक सवाल सामने आया है कि अगर 320 किलोमीटर की स्‍पीड से बुलेट ट्रेन चले और अचानक भुकंप आ जाए, जोकि गुजरात जैसे क्षेत्र में ज्‍यादा आते हैं, तो बुलेट ट्रेन क्‍या प्रभावित होगा और नहीं होगा तो क्‍यों नहीं? आइए जानते हैं इसमें कौन सी तकनीक का इस्‍तेमाल किया जा रहा है. 

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भूकंप से बचने के लिए क्‍या है प्‍लानिंग? 
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भूकंप आने से पहले ही अलर्ट? 
दरअसल, भूकंप की जानकारी के लिए 28 भूकंपमापी यंत्र लगाने की योजना है. इनमें से 22 यंत्र रेलवे ट्रैक के साथ-साथ ट्रैक्शन सबस्टेशनों और स्विचिंग पोस्टों पर लगाए जाएंगे, जबकि छह इन सिलेंडर सेंसर पटरियों से दूर कंपन संभावित क्षेत्रों की निगरानी करेंगे. इस नेटवर्क का उद्देश्य भूकंप की भविष्यवाणी करना नहीं, बल्कि भूकंप आने से पहले चेतावनी देना है.

जापान की शिंकानसेन रेल सिस्‍टम पर बेस 
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जापान की शिंकानसेन रेल सिस्‍टम पर बेस 
जापान की शिंकानसेन रेल सिस्‍टम पर आधारित यह सिस्‍टम भूकंप के अधिक विनाशकारी झटकों से पहले उसकी तीव्र प्राथमिक तरंगों का पता लगाने के लिए डिजाइन की गई है. अगर मापी गई गतिविधि ऑपरेशन लिमिट को पार कर जाती है, तो सिस्‍टम प्रभावित हिस्से में ऑटोमैटिक रेल के लिए इलेक्ट्रिक सप्‍लाई बंद कर देगा. 

यह डिपेंड करता है कि कितनी तेज है भूकंप 
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यह डिपेंड करता है कि कितनी तेज है भूकंप 
ट्रैक्शन पावर बंद होने के बाद, प्रभावित क्षेत्र में मौजूद ट्रेनें पावर लॉस का पता लगाकर आपातकालीन ब्रेक लगाने के लिए डिजाइन की गई है. यानी कि यह ऑटोमैटिक प्रॉसेस से बुलेट ट्रेन रुक सकती है. 

लेकिन इसे बुलेट ट्रेन को 'भूकंप-रोधी' बनाना नहीं कहा जा सकता. रुकने की दूरी और कंपन की तीव्रता अभी भी मायने रखती है.  

कहां-कहां लगेगा सेंसर? 
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कहां-कहां लगेगा सेंसर? 
महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, विरार और बोइसर में आठ अलाइनमेंट सेंसर लगाने की योजना है. इसके अलावा, गुजरात के वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, महेमदाबाद और अहमदाबाद में चौदह और सेंसर लगाए जाएंगे. पिछले 100 सालों में कॉरिडोर के पास दर्ज किए गए 5.5 से अधिक तीव्रता वाले भूकंपों की समीक्षा के बाद स्थानों का चयन किया गया. 

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