रेल बजट 2012-13 में दिल्ली से जोधपुर और मुंबई के बीच द्रुत गति (हाई स्पीड) रेलगाड़ियां चलाने का ऐलान किया जा सकता है. रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी 14 मार्च को रेल बजट पेश करेंगे.
दिल्ली-जयपुर-अजमेर-जोधपुर के 591 किलोमीटर के रूट पर बुलेट ट्रेन शुरू करने के लिए व्यवहार्यता पूर्व अध्ययन शुरू किया जाना है. बुलेट ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंटे की द्रुत गति से दौड़ती है. समझा जाता है कि रेल बजट में ऐसे ट्रेनों के बारे में कोई घोषणा हो सकती है.
त्रिवेदी देश में द्रुत गति की ट्रेन लाने के इच्छुक हैं. वह रेल बजट में दिल्ली-मुंबई रूट पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे से दौड़ने वाली ट्रेन को जोड़ा शुरू करने का भी प्रस्ताव कर सकते हैं. इसमें उच्च हार्सपावर के इलेक्ट्रानिक लोकोमोटिव के ट्रेन सेट और दस आधुनिक डिब्बों की अनुमानित लागत 200 करोड़ रुपये बैठेगी.
हाई स्पीड ट्रेनों के लिए सिग्नल और दूरसंचार प्रणाली को भी आधुनिक किए जाने की जरूरत है, जिससे उच्च गति के गलियारे में दुर्घटनाओं को रोका जा सके. रेल बजट में इसके बारे में भी कुछ घोषणा हो सकती है.
इस बार के रेल बजट में हरित (पर्यावरण अनुकूल) पहल को भी काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. रेल मंत्री 2,500 पर्यावरण अनुकूल शौचालयों के निर्माण का प्रस्ताव रख सकते हैं.
रेल बजट में यात्री सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. इसके तहत ट्रेनों के अंदर और स्टेशनों पर कैटरिंग सेवा को बेहतर बनाने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा.
वित्तीय संकट के बावजूद त्रिवेदी रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए कई उपायों का ऐलान कर सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि जहां तक बुलेट ट्रेन का मामला है, राजस्थान सरकार ने इस परियोजना का 50 फीसद बोझ उठाने पर सहमति दी है. जयपुर गलियारे के जुड़ने के बाद रेलवे के पास सात रूट ऐसे होंगे, जहां बुलेट ट्रेन परियोजना को क्रियान्वित किया जा सकता है.
बुलेट ट्रेन परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय द्रुत गति रेल प्राधिकरण की स्थापना करने जा रहा है. संसद में इस बारे में विधेयक रखा जा सकता है.
योजना आयोग ने हाल में बुलेट ट्रेन परियोजना के क्रियान्वयन के लिए अलग प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. हालांकि, वित्त की कमी की वजह से त्रिवेदी को रेल बजट में नई परियोजनाओं की घोषणा काफी सोच समझकर करनी होगी.