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मानसून अच्‍छा हुआ तो ये मिलेंगी आपको 5 राहतें

देश में मानसून इसी तरह अनुमान से बेहतर करतब दिखाता रहेगा तो भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलना तय हैं. अच्छा मानसून जहां महंगाई पर लगाम लगाने में मदद करेगा वहीं कारोबारी तेजी भी देखने को मिलेगी.

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देश में फैक्ट्री गतिविधियां अप्रैल में 4.1 फीसदी (साल दर साल की तुलना में) तेज हुई है. इस तेजी में मैन्यूफैक्चिरंग सेक्टर में 5 फीसदी से अधिक की बढ़त देखी गई है. मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर देश में कुल फैक्टरी गतिविधियों का लगभग 75 फीसदी हिस्सा रहता है. लिहाजा, देश में मानसून इसी तरह अनुमान से बेहतर करतब दिखाता रहेगा तो भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलना तय हैं. अच्छा मानसून जहां महंगाई पर लगाम लगाने में मदद करेगा वहीं कारोबारी तेजी भी देखने को मिलेगी.

जानिए क्या 5 बड़ी राहत लेकर आएगा अच्छा मानसून
1. ने जून में अपनी मौद्रिक समीक्षा में जहां साफ संकेत दिए थे कि इस साल वह ब्याज दरों में और कटौती को अंजाम नहीं दे सकती क्योंकि उसे खराब मानसून से महंगाई दर बढ़ने का खतरा नजर आ रहा था. लिहाजा, मानसून अच्छा रहा तो आरबीआई के ऊपर अगली समीक्षा में ब्याज दरों को कम करने का दबाव बढ़ जाएगा जिससे देश में कारोबारी तेजी आने की उम्मीद बढ़ेगी और साथ ही देश में महंगाई का बोझ कम होगा.

2. देश का दक्षिण-पश्चिम मानसून खरीफ फसलों के लिए बहुत अहम रहता है. अच्छे मानसून के साथ ही जहां उत्तर और मध्य भारत में खरीफ फसलों की अच्छी बुआई होती है वहीं इससे देश में अनाज की अच्छी पैदावर की उम्मीद बढ़ जाती है.

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3. जून के शुरुआत में जहां आरबीआई के मानसून खराब होने के डर के चलते में बड़ी गिरावट देखने को मिली, वहीं दूसरे सप्ताह से मानसून की सुधरती चाल के सहारे बाजार ने तेजी पकड़ ली और पिछले हफ्ते लगातार बाजार हरे निशान में बना रहा. बाजार के जानकारों का मानना है कि बेहतर मानसून के सहारे इस हफ्ते शेयर बाजार नई उंचाइयों को छू सकता है.

4. अच्छे मानसून से देश में सिंचाई की समस्या का समाधान हो जाएगा. देश के कई इलाकों में ग्राउन्ड वॉटर की कमी के चलते किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह से तालाबों पर निर्भर रहते हैं. लिहाजा, मजबूत मानसून से उत्तर और मध्य भारत में जलाशयों के भरने का काम पूरा हो जाएगा.

5. देश में बिजली संकट को भी अच्छा मानसून कम कर देता है. देशभर में हाइड्रो-पॉवर जेनरेशन को इस मानसून से बड़ी राहत मिलती है. हाल में आए आंकड़ों के मुताबिक, देश में हाइड्रो-पॉवर जेनरेशन के लिए बने जलाशयों में 25-30 फीसदी अधिक जल-भंडार है. लिहाजा केन्द्र सरकार को उम्मीद है कि इस साल हाईड्रो पॉवर जेनरेशन में 20 फीसदी की उछाल देख ने को मिल सकती है. गौरतलब है कि अभी-तक हुई बारिश से पॉवर जेनरेशमन के लिहाज से अहम नदियों में औसत से अधिक पानी मौजूद है.

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