एक दौर था जब नोएडा मिडिल क्लास लोगों के लिए किफायती शहर हुआ करता था, जो लोग दिल्ली में घर नहीं खरीद पाते थे, वो नोएडा को अपना ठिकाना बनाते थे. लेकिन आज हालत ऐसी हो गई है कि एक या दो करोड़ में भी यहां फ्लैट मिलना मुश्किल होता जा रहा है. सोशल मीडिया पर एक शख्स ने आजकल घरों की रॉकेट बनती कीमतों पर एक ऐसी बात कह दी है, जिसने नई बहस छेड़ दी है.
इस शख्स ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि उसने नोएडा में अपना एक घर खरीदने की सोचा और अपना बजट खींचतान कर ₹1 करोड़ तक भी कर लिया, लेकिन इतने में भी उसे कोई ढंग का मकान नहीं मिला. हालत यह है कि नोएडा में अब जो भी नए प्रोजेक्ट आ रहे हैं, उनकी शुरुआत ही ₹2 करोड़ से हो रही है.
इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर यह शख्स अपनी परेशानी बयां कर रहा है और एक सीधा सा सवाल पूछ रहा है "आखिर नौकरीपेशा लोग ₹2 करोड़ से ₹4 करोड़ के ये आलीशान घर किस जादू से खरीद रहे हैं? उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा-
"मैं अभी नोएडा में ही किराए पर रहता हूं, कुछ समय से मेरे दिमाग में आ रहा था कि हर महीने इतना भारी-भरकम किराया देने से तो अच्छा है कि बंदा उतनी ही रकम होम लोन की EMI में लगा दे और अपना घर बना ले, इसी सोच के साथ मैं थोड़ा मार्केट घूमने निकला और प्रॉपर्टी डीलरों से बात की, वो लोग ₹1 करोड़, ₹1.5 करोड़ और ₹2 करोड़ की कीमतें ऐसे बता रहे थे, जैसे कोई मामूली सी बात हो. मेरा मैक्सिमम बजट ₹1 करोड़ बन पाया, लेकिन नोएडा का हाल यह है कि इस रकम में अब कुछ नहीं मिलने वाला, जो भी नया प्रोजेक्ट आ रहा है, उसका बेस प्राइस ही ₹2 करोड़ है, कुछ तो ₹2.5 करोड़ से लेकर ₹4 करोड़ तक जा रहे हैं. मेरा तो बस एक ही सवाल है भाई... आखिर ये घर खरीद कौन रहा है? किसके पास इतना पैसा आ रहा है?
उस शख्स ने आगे यह भी कहा कि दिन-रात मेहनत करने और अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा देने के बाद भी एक आम आदमी ₹1 करोड़ से ऊपर नहीं सोच पाता, मुझे सच में समझ नहीं आ रहा कि क्या हमारे देश का मिडिल क्लास अचानक से इतना अमीर हो गया है या सबकी सैलरी रातों-रात बढ़ गई है? नोएडा में नौकरी करने वाले एक एवरेज इंसान के भी अपने खर्चे हैं उसे ढंग से जीना है, वीकेंड एन्जॉय करना है, घर चलाना है, इन सब के बीच लोग इतने महंगे घर कैसे अफोर्ड कर पा रहे हैं, यह मेरी समझ से बिल्कुल बाहर है.
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