scorecardresearch
 

लखनऊ से कानपुर सिर्फ 40 मिनट में, इन इलाकों में प्रॉपर्टी पर मिलेगा बंपर मुनाफा

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे केवल यात्रा का समय ही कम नहीं करेगा, बल्कि यह आने वाले समय में सेंट्रल यूपी के रियल एस्टेट मार्केट के लिए 'ग्रोथ इंजन' साबित होगा.

Advertisement
X
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से रियल एस्टेट सेक्टर को कैसे मिलेगा बूस्ट? (Photo-ITG)
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से रियल एस्टेट सेक्टर को कैसे मिलेगा बूस्ट? (Photo-ITG)

उत्तर प्रदेश के दो सबसे बड़े शहर अब सड़क मार्ग से महज 40 मिनट की दूरी पर आने वाले हैं. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे सोमवार को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे को जो बात सबसे खास और अलग बनाती है, वह यह है कि यह भारत का पहला बैरियर-मुक्त एक्सप्रेसवे होगा.

इसका मतलब है कि वाहनों के गुजरने के लिए यहां पारंपरिक टोल बैरियर नहीं होंगे, जिससे पुराने हाईवे के टोल प्लाजा पर होने वाली देरी और ट्रैफिक जाम की झंझट पूरी तरह खत्म हो जाएगी. यह केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक राजधानी कानपुर को जोड़ने वाली एक ऐसी लाइफलाइन है जो आने वाले दिनों में दोनों शहरों के रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी मार्केट का पूरा भूगोल बदलने वाली है

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर लगभग 1.5 से 3 घंटे से घटकर महज 35 से 45 मिनट का रह जाएगा. साथ ही इस इलाके में प्रॉपर्टी की डिमांड भी तेजी बढ़ेगी.

यह भी पढ़ें: ब्रिटेन में घर खरीदना हुआ सपना, क्या मंदी की गिरफ्त में आ गया है देश का हाउसिंग मार्केट?

Advertisement

रियल एस्टेट सेक्टर पर क्या पड़ेगा असर?

रियल एस्टेट मार्केट के विश्लेषकों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से 'स्टेट कैपिटल रीजन' (SCR) के तहत आने वाले इलाकों में जमीन की मांग और कीमतों में भारी उछाल आने की उम्मीद है.

एक्सप्रेसवे का शुरुआती और सबसे बड़ा असर दोनों शहरों के मुख्य केंद्रों के बजाय उनके बाहरी और अर्ध-शहरी इलाकों पर दिखेगा. लखनऊ के शहीद पथ जहां से यह एक्सप्रेसवे शुरू होता है, और कानपुर के आजाद चौराहा, इन दोनों ही टर्मिनल के आसपास जमीनों के दाम तेजी से बढ़ेंगे.

एक्सप्रेसवे का लगभग 45 किलोमीटर का हिस्सा उन्नाव जिले से होकर गुजरता है, चूंकि यह एक्सप्रेसवे आगे चलकर उन्नाव के पास गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, इसलिए यह पूरा बेल्ट निवेशकों के लिए हॉटस्पॉट बन गया है. दोनों बड़े औद्योगिक शहरों के बीच माल ढुलाई आसान होने से नए लॉजिस्टिक्स पार्क और गोदामों का निर्माण होगा.

कार्यन ग्रुप के निदेशक अमित अगरवाल कहते हैं, 'यह एक्सप्रेसवे राज्य के आर्थिक विकास और रियल एस्टेट क्षेत्र के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा, जो यात्रा समय को घटाकर लोगों और व्यापारिक वस्तुओं की आवाजाही को तेज़ और सुगम बनाएगा और एक सशक्त आर्थिक कॉरिडोर का निर्माण करेगा. बेहतर कनेक्टिविटी हमेशा से प्रॉपर्टी की मांग और मूल्यवृद्धि का मुख्य आधार रही है, इसलिए एक्सप्रेसवे के किनारे उभरते क्षेत्र, विशेष रूप से उन्नाव और बाहरी इलाके रेसिडेंशियल, कमर्शियल, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के नए हब बनेंगे'.

Advertisement

निवेशक और बिल्डर्स अब एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड टाउनशिप और रेजिडेंशियल प्लॉट्स की तरफ रुख कर रहे हैं, क्योंकि कम समय के चलते अब लोग मुख्य शहर से दूर खुली और आधुनिक जगहों पर रहना पसंद कर रहे हैं.

हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर कहते हैं, ' मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर हमेशा से आधुनिक शहरीकरण की बुनियाद रहा है, और विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी से लैस यह कॉरिडोर भविष्य के प्रीमियम आवासीय प्रोजेक्ट्स के लिए सबसे पसंदीदा हॉटस्पॉट बनकर उभरेगा, विशेष रूप से बंथरा इलाका, एयरपोर्ट से अपनी नजदीकी और कानपुर तक बेहद सुगम पहुंच के कारण, रेजिडेंशियल डेवलपमेंट के लिहाज से एक बड़े और संभावनाओं से भरपूर केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है.'

लखनऊ और कानपुर के बीच कनेक्टिविटी सुधरने से रक्षा गलियारे से जुड़े उद्योगों, मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स और सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. इसके चलते एक्सप्रेसवे के आसपास कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, होटल्स, 3 बड़े रेस्ट एरिया और अन्य मिक्स्ड-यूज़ प्रोजेक्ट्स के लिए जमीनों की मांग तेजी से बढ़ेगी.

यह भी पढ़ें: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे में पहली बार 3D AMG तकनीक का इस्तेमाल, क्या है इसका फायदा?

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement