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देश के टॉप-8 शहरों में घर खरीदना हुआ और महंगा, आपके शहर में कितनी बढ़ीं कीमतें

अगर आप भी मेट्रो शहरों में अपने सपनों का आशियाना तलाश रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर सीधा असर डालने वाली है. देश के प्रमुख शहरों में घरों की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं.

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प्रॉपर्टी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर: पहली बार ₹10,000 के पार हुआ औसत रेट (Photo-ITG)
प्रॉपर्टी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर: पहली बार ₹10,000 के पार हुआ औसत रेट (Photo-ITG)

देश के प्रमुख शहरों में प्रॉपर्टी के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं. रियल एस्टेट कंसलटेंट प्रॉपटाइगर (PropTiger) की ताजा रिपोर्ट 'रियल इनसाइट रेजिडेंशियल Q1 2026' के मुताबिक, इस साल जनवरी-मार्च के दौरान देश के 8 प्रमुख शहरों में घरों की कीमतों में सालाना आधार पर 3% से लेकर 24% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

इतिहास में पहली बार टॉप-8 शहरों की वेटेड एवरेज कीमत ₹10,000 का आंकड़ा पार कर ₹10,050 प्रति वर्ग फीट पर पहुंच गई है. इस तेजी में बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहां पारंपरिक आईटी सेक्टर में सुस्ती के बावजूद मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) में बढ़ते रोजगार के दम पर घरों की औसत कीमत सालाना आधार पर 24% और तिमाही आधार पर 3% की छलांग लगाकर ₹9,785 प्रति वर्ग फीट हो गई. इसके साथ ही बेंगलुरु, देश के सबसे महंगे मार्केट मुंबई (MMR) के बाद दूसरा सबसे महंगा शहर बन गया है, जहां कीमतें 20% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹15,120 प्रति वर्ग फीट के रिकॉर्ड स्तर पर हैं.

दूसरी ओर, दिल्ली-NCR में घरों के दाम 18% बढ़कर ₹9,534 प्रति वर्ग फीट तो हुए, लेकिन इसकी सालाना ग्रोथ रेट में पिछले साल (Q1 2025) की 43% की रिकॉर्ड तेजी के मुकाबले इस बार काफी नरमी देखी गई है. अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो पुणे में 12% और हैदराबाद में 11% की सम्मानजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अहमदाबाद में 8%, कोलकाता में 7% और चेन्नई में सबसे धीमी 3% की सालाना वृद्धि रही. अगर तिमाही आधार पर तुलना करें, तो देश के इन सभी आठ प्रमुख शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 1% से लेकर 9% तक की बढ़त दर्ज की गई है, जो भारतीय आवासीय बाजार में लगातार बनी मजबूत मांग को दर्शाती है.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

बीपीटीपी के सीईओ और प्रेसिडेंट मानिक मलिक ने कहा, 'भारत के प्रमुख शहरों में घरों की लगातार बढ़ती कीमतें यह साफ दर्शाती हैं कि देश के आवासीय रियल एस्टेट बाजार में खरीदारों की मांग और भरोसा बेहद मजबूत है. दिल्ली-एनसीआर में द्वारका एक्सप्रेसवे और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे इलाके अपने बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, शानदार कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के कारण घर खरीदारों की पहली पसंद बन चुके हैं. इन क्षेत्रों के तेजी से होते विकास ने पूरे हाउसिंग मार्केट को एक नई मजबूती और रफ्तार दी है.' 

ऋषभ पेरिवाल, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट,पायनियर अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर कहते हैं, “ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रॉपर्टी के दामों में लगातार बढ़ोतरी का ट्रेंड दिख रहा है, वहीं गुरुग्राम का रियल एस्टेट मार्केट भी अभूतपूर्व रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. यहां वर्तमान में जो बदलाव आ रहा है, वह सिर्फ आवासीय या कमर्शियल प्रॉपर्टी की कीमतों में इजाफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों ही सेक्टर्स में होने वाला एक ऐसा व्यवस्थित और व्यापक विकास है जो पूरे शहर के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदल रहा है'.

सेल में गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) में भारत के टॉप-8 शहरों में घरों की बिक्री में सालाना आधार पर (YoY) 2.2% की गिरावट आई है, जबकि तिमाही आधार पर यह 1% बढ़कर 95,973 यूनिट रही. वहीं दूसरी ओर, इस दौरान घरों की नई सप्लाई में सालाना आधार पर 0.1% की मामूली कमी देखी गई, लेकिन तिमाही आधार पर यह 1.1% बढ़कर 93,065 यूनिट पर पहुंच गई.

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सालाना आधार पर अगर शहरों की बात करें, तो बेंगलुरु (33%), चेन्नई (43%), हैदराबाद (25%) और दिल्ली-एनसीआर (11%) में घरों की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके विपरीत, मुंबई महानगर क्षेत्र यानी एमएमआर (15%), पुणे (21%), कोलकाता (24%) और अहमदाबाद (23%) में बिक्री में गिरावट देखी गई. इस सबके बावजूद, मुंबई (MMR) 26,116 यूनिट्स की बिक्री के साथ सबसे बड़ा मार्केट बना रहा, जिसके बाद 15,603 यूनिट्स के साथ बेंगलुरु दूसरे स्थान पर रहा.
 

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