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रियल एस्टेट का नया पावर सेंटर फरीदाबाद, क्या नोएडा और गुरुग्राम को देगा टक्कर

पिछले कुछ सालों में फरीदाबाद का रियल एस्टेट मार्केट तेजी से आगे बढ़ रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यहां निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है और कई नए प्रोजेक्ट लॉन्च हो रहे हैं.

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फरीदाबाद में किफायती और प्रीमियम सेगमेंट के ऑप्शन है (Photo- Pixabay)
फरीदाबाद में किफायती और प्रीमियम सेगमेंट के ऑप्शन है (Photo- Pixabay)

गुरुग्राम और दिल्ली की छाया से बाहर निकलकर, फरीदाबाद अब अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बना रहा है. हाईराइज रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट से लेकर आधुनिक बिजनेस पार्क्स तक, शहर में पिछले कुछ सालों में विकास की रफ्तार तेज हुई है.

बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के बूते फरीदाबाद ने खुद को एनसीआर के 'इमर्जिंग रियल एस्टेट हब' के रूप में स्थापित कर लिया है. जिस तेजी से यहां ऑफिस स्पेस और आधुनिक सुविधाओं की मांग बढ़ी है, उसने बड़े डेवलपर्स को या दांव लगाने के लिए मजबूर कर दिया है.

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कैसे बदला फरीदाबाद? 

फरीदाबाद वक्त के साथ ऐसे शहर के रूप में उभरा रहा है, जहां किफायती घरों से लेकर प्रीमियम रेंज तक के घरों की भरमार है. जहां गुरुग्राम और नोएडा बजट से बाहर होता जा रहा है, वहीं फरीदाबाद अब भी मिडिल क्लास के बजट में है. फरीदाबाद का भविष्य अब एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड रेल की रफ़्तार से तय हो रहा है.

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गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा–ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर के बीच 'नमो भारत' RRTS को दी गई मंजूरी ने इस पूरे इलाके की आर्थिक संभावनाओं को पंख लगा दिए हैं. यह रैपिड ट्रांजिट सिस्टम न केवल एनसीआर के प्रमुख शहरों के बीच की दूरी को मिनटों में समेट देगा, बल्कि फरीदाबाद के भूगोल को पूरी तरह से बदल कर रख देगा.

किसी भी शहर की तरक्की उसकी सड़कों की रफ्तार से मापी जाती है और फरीदाबाद आज इसी रफ़्तार पर सवार है. ग्रेटर फरीदाबाद का नहरपार क्षेत्र आज हर बजट के घर खरीदारों और निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है. लेकिन असली क्रांति जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले नए एक्सप्रेसवे से आने वाली है. यह न केवल सफर को आसान बनाएगा, बल्कि बल्लभगढ़ और आसपास के इलाकों में निवेश के नए द्वार भी खोलेगा.

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जेवर एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच इस क्षेत्र के प्रॉपर्टी मार्केट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, जिससे यहां रहना और व्यापार करना दोनों ही बेहद आकर्षक और मुनाफेमंद सौदा साबित होगा. आम तौर पर किसी भी शहर में कनेक्टिविटी अच्छी होती है तब प्रॉपर्टी की मांग और कीमत दोनों बढ़ती हैं. फरीदाबाद में भी यही रुझान देखने को मिल सकता है, जिससे अधिक डेवलपर्स और खरीदार यहां आकर्षित होंगे.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

नियोलिव (NeoLiv) के संस्थापक और सीईओ मोहित मल्होत्रा का कहते हैं- "फरीदाबाद अब दिल्ली-एनसीआर का वह रियल एस्टेट की 'राइजिंग स्टार' बन चुका है. यहां के रियल एस्टेट की नई पहचान के पीछे 'कनेक्टिविटी का त्रिकोण' है. जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे, जो सफर को मात्र 30-45 मिनट में समेट देगा. प्रस्तावित मेट्रो विस्तार और अंतिम चरण में पहुंचा FNG (फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद) एक्सप्रेसवे. हेल्थकेयर और एजुकेशन हब के रूप में तेज़ी से उभरते इस शहर की सबसे बड़ी खूबी यहां की अफोर्डेबिलिटी है. गुरुग्राम और नोएडा के मुकाबले प्रॉपर्टी की कम कीमतें और बेहतर रिटर्न की संभावना ने फरीदाबाद को निवेशकों के लिए 'मुनाफे की नई मंज़िल' बना दिया है.'


ये इलाके बने प्रॉपर्टी के नए हॉट स्पॉट 

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक लोकेशन की बदौलत फरीदाबाद के कई पॉकेट्स अब निवेश के 'प्राइम डेस्टिनेशन' बन चुके हैं. नहरपार (ग्रेटर फरीदाबाद), सूरजकुंड, ग्रीनफील्ड्स, चार्म्सवुड विलेज और मथुरा रोड जैसे इलाके अपनी वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के कारण मांग में सबसे आगे हैं. विशेषकर नहरपार में जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दखल ने प्रॉपर्टी की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. आने वाले समय में नमो भारत (RRTS) और मेट्रो विस्तार फरीदाबाद को गुरुग्राम और नोएडा के साथ एक 'सीमलेस कॉरिडोर' में बदल देंगे, जिससे यहां लॉन्ग-टर्म रिटर्न की संभावनाएं और भी पुख्ता हो गई हैं.
 

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