दिल्ली के अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों का दशकों पुराना इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है. इस फैसले से न केवल करीब 45 लाख लोगों को अपने घर का मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ होगा, बल्कि इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास की नई लहर भी आएगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस महत्वपूर्ण योजना का खाका पेश किया. उन्होंने बताया कि कॉलोनियों को नियमित करने के लिए 24 अप्रैल 2026 से आधिकारिक तौर पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. सरकार ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल तैयार किया है, ताकि निवासियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस ऐतिहासिक निर्णय के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए इसे दिल्ली के इतिहास का एक निर्णायक मोड़ बताया उन्होंने लिखा- 'आज का दिन दिल्ली के लाखों परिवारों के लिए केवल राहत की खबर नहीं, बल्कि उनके सम्मान और अधिकार का एक नया अध्याय है. दशकों से जिस समस्या की अनदेखी की जा रही थी, आज उसे स्थायी समाधान मिल गया है. अब दिल्लीवासियों को अपने ही घर में 'किरायेदार' की तरह नहीं, बल्कि सीने तानकर असली मालिक के तौर पर रहने का हक मिलेगा."
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सीएम रेखा गुप्ता ने इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि उनके विजन के तहत ‘पीएम उदय योजना’ को आगे बढ़ाया गया है. इसी योजना के परिणामस्वरूप 1,731 में से 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
राजस्व विभाग के माध्यम से इन कॉलोनियों के निवासियों को कन्वेयंस डीड (Conveyance Deed) जारी की जाएगी, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति का स्पष्ट कानूनी स्वामित्व मिल सकेगा. इस प्रक्रिया के तहत लोग ऑनलाइन आवेदन कर अपनी संपत्ति को वैध रूप से अपने नाम दर्ज करा पाएंगे.
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि पहले अलग-अलग सरकारों के कारण कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई थी, लेकिन अब इस दिशा में काम तेज़ी से आगे बढ़ेगा. उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल से शुरू होने वाली ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए लोगों को उनके घरों का कानूनी अधिकार दिलाया जाएगा.
इस फैसले का सीधा लाभ उन लाखों परिवारों को मिलेगा जो वर्षों से अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रहे हैं. नियमितीकरण के बाद न केवल उन्हें मालिकाना हक मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में सड़क, सीवर, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास को भी गति मिलेगी.
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2019 में शुरू की गई पीएम उदय योजना के तहत मालिकाना हक देने की प्रक्रिया अब एक कदम आगे बढ़ते हुए नियमितीकरण के चरण में प्रवेश कर रही है. अब लोग अपनी प्रॉपर्टी को एमसीडी से भी नियमित करवा सकेंगे.
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