तेहरान में लगातार हमले जारी हैं. (Photo: Representative/ AP) US-Israel-Iran War LIVE Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव बढ़ा दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार शाम तक 'होर्मुज़ स्ट्रेट' को फिर से नहीं खोला गया, तो 'पावर प्लांट और पुलों' को निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा, "मंगलवार का दिन 'पावर प्लांट डे' और 'पुलों का दिन' होगा. ट्रंप की इस तीखी धमकी पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबफ़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "ट्रंप के लापरवाह कदम देश को एक जीते-जागते नरक में धकेलने का जोखिम पैदा करते हैं. युद्ध अपराधों के ज़रिए आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ट्रंप का कहना है कि मध्यस्थों के ज़रिए भेजे गए अमेरिकी संघर्ष विराम प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया अहम तो है, लेकिन काफी नहीं है. ईरानी मीडिया में जारी एक बयान के मुताबिक, ईरान की सेना का कहना है कि ट्रंप की धमकियों में भ्रम हैं और वे इस इलाके में अमेरिका को मिली अपमान और बेइज्ज़ती की भरपाई नहीं कर सकतीं.
रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को पूरे दिन ईरान भर में हुए अमेरिका-इजरायल के हमलों में करीब 34 लोग मारे गए, जबकि ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने खाड़ी देशों में मौजूद अहम ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखा.
गाज़ा में विस्थापित फिलिस्तीनियों को शरण देने वाले एक स्कूल के पास हुए इजरायली हवाई हमले में करीब 10 लोग मारे गए हैं.
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इजरायल मिलिट्री का दावा है कि उसने ईरान के सीनियर कमांडर पर हमला किया है. अटैक से कितना नुकसान हुआ इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि इस धरती से उनकी सभ्यता को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा. इसके बाद अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ न्यूक्लियर बम इस्तेमाल करने की अटकलें लग रही हैं. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ट्रंप की धमकी के बाद कहा कि यह समझना होगा कि हमारे पास ऐसा टूल है, जिनका हमने अभी तक इस्तेमाल नहीं किया है. अमेरिका के राष्ट्रपति तय कर सकते हैं कि उनका इस्तेमाल करना है या नहीं. अगर ईरान अपना व्यवहार नहीं बदलता, तो वे उनका इस्तेमाल करेंगे.
ईरान ने UAE में थुराया सैटेलाइट फोन नेटवर्क के मुख्यालय को निशाना बनाया. ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल से थुराया टेलीकम्युनिकेशंस कंपनी की एक इमारत को निशाना बनाया गया. इस घटना में दो पाकिस्तानी लोगों को चोटें आईं.
अमेरिका और इजरायल ने समयसीमा खत्म होने से पहले ही ईरान पर अटैक शुरू कर दिया है. ईरान के ब्रिज और रेलवे लाइन को निशाना बनाया जा रहा है. लेकिन ईरान ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया है. ईरान ने यूएई के शारजाह पर अटैक किया है. ईरान की आईआरजीसी ने पहली बार बाइपॉड लॉन्चर्स से मिसाइलों दागी हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहर बरसने लगा है. ईरान को दिए गए अल्टीमेटम से पहले ही अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ब्रिज को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. मध्य ईरान के कशान शहर में स्थित याह्याआबाद रेलवे पुल को निशाना बनाया गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई.
ईरान ने जुबैल में सऊदी अरब के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया है. इस बीच ईरान की राजधानी तेहरान में भी धमाके की आवाज सुनी गई.
ईरान के अल्बोर्ज़ में मारे गए लोगों में बच्चे भी शामिल हैं, जो मौजूदा संघर्ष की मानवीय कीमत को उजागर करता है. हवाई हमलों से नागरिक इलाके लगातार प्रभावित हो रहे हैं, जिससे युद्ध के तेज़ होने के साथ-साथ सुरक्षा और मानवीय प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं.
खोर्रमबाद हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की खबरों से यह बात साफ़ होती है कि पूरे ईरान में हवाई इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है.
इससे पहले भी कई अहम हवाई अड्डों पर हमले हो चुके हैं. जैसे-जैसे यह संघर्ष और ज़्यादा फैलता जा रहा है और परिवहन के अहम केंद्र खतरे में पड़ते जा रहे हैं, वैसे-वैसे आम नागरिकों और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी हवाई उड़ानों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं.
ईरानी समाचार एजेंसी 'Mehr' के मुताबिक, ईरान के खोर्रमबाद एयरपोर्ट को कथित तौर पर अमेरिका और इज़रायल के हमले में निशाना बनाया गया है.
ईरान पर यह ताजा हमला रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों की तरफ इशारा करता है. इससे पहले भी, इस संघर्ष के दौरान खोर्रमबाद में धमाके और सैन्य-संबंधी गतिविधियां देखी गई थीं. इस कथित हमले से हुए नुकसान और हताहतों की तादाद के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है.
पारदीस और शहरियार पर हमले तेहरान और उसके आस-पास के आबादी वाले इलाकों पर बढ़ते असर को दिखाते हैं. आवासीय इलाकों में गोलीबारी के साथ, आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं क्योंकि लड़ाई बढ़ती जा रही है और इसके तुरंत कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं.
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, US और इजरायली सेनाओं द्वारा ईरान भर में रात भर किए गए हमलों में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं.
तेहरान के पूर्व में स्थित परदिस में मलबे से छह शव बरामद किए गए, जबकि अधिकारियों ने बताया कि शहरियार के एक रिहायशी इलाके में हुए हवाई हमले में नौ लोगों की मौत हो गई. ये घटनाएं आम नागरिकों के बीच बढ़ती हताहतों की संख्या को उजागर करती हैं.
ईरान युद्ध से जुड़ी रुकावटों के कारण गहराते ईंधन संकट के जवाब में नेपाल ने दो दिन के वीकेंड का ऐलान किया है. यह कदम इस संघर्ष के दूरगामी आर्थिक प्रभाव को उजागर करता है, क्योंकि ग्लोबल एनर्जी आपूर्ति में आई बाधाएं अब इस क्षेत्र से काफी दूर स्थित देशों को भी प्रभावित करने लगी हैं.
इजरायली सेना ने शिराज में एक और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया है. इस हमले में उन ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनका संबंध विस्फोटक और बैलिस्टिक मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के उत्पादन से है.
इस हमले को मौजूदा संघर्ष के बीच ईरान की सैन्य-औद्योगिक क्षमता को कमज़ोर करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
हाल के हमले लेबनान में चल रहे संघर्ष की बढ़ती मानवीय कीमत को दिखाते हैं, जहां इज़रायली ऑपरेशन्स ने कई जगहों को निशाना बनाया है.
रिहायशी इलाकों पर बार-बार हो रहे हमलों के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, क्योंकि यह संघर्ष सीमाओं के पार भी फैल रहा है और इसकी तीव्रता भी बढ़ती जा रही है.
देश की नेशनल न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में इजरायल के दो अलग-अलग हवाई हमलों में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं.
माराकेह में एक घर पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए. तायर डेब्बा पर रात भर चले एक अलग हमले में, तीन और लोग मारे गए और दो घायल हो गए, जिससे आम नागरिकों वाले इलाकों पर लगातार पड़ रहे असर का पता चलता है.
ईरान में रेल नेटवर्क को हाई रिस्क ज़ोन घोषित किया गया है. यह चेतावनी स्थिति के गंभीर रूप लेने का संकेत है, क्योंकि अब इस संघर्ष के दौरान रेल प्रणालियों को संभावित खतरे वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है.
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कुछ वक्त के लिए रेल यात्रा से दूर रहें. अधिकारियों को चिंता है कि जैसे-जैसे संघर्ष का दायरा बढ़ेगा और कई क्षेत्रों में टार्गेटेड अभियान जारी रहेंगे, वैसे-वैसे परिवहन के बुनियादी ढांचे पर इसका असर पड़ सकता है.
पश्चिमी इराक के अल-काइम में 13वीं ब्रिगेड के एक मुख्यालय को निशाना बनाते हुए 7 हवाई हमले किए गए. अल जज़ीरा ने पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज के एक सूत्र के हवाले से यह रिपोर्ट दी है.
हिज़्बुल्लाह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में इज़रायल के खिलाफ 60 से ज़्यादा सैन्य ऑपरेशन किए गए. उसने इज़रायली सेना के कई जमावड़ों को निशाना बनाने के लिए सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल किया. इज़रायल के सीमावर्ती इलाकों- श्लोमी, अल-मल्किया, हनीता और होलाता में ड्रोन हमलों की खबरें मिली हैं.
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हिज़्बुल्लाह ने किर्यात शमोना में इज़रायली सेना के एक जमावड़े पर तीसरे ड्रोन हमले का दावा किया है. ग्रुप का कहना है कि ये ऑपरेशन इज़रायल-लेबनान सीमा पर जारी तनाव बढ़ने का ही एक हिस्सा थे.
जिन इलाकों को निशाना बनाया गया है, वे उत्तरी इज़रायल की लेबनान से लगी सीमा के पास स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुदाय हैं. ये दावे ऐसे वक्त में सामने आए हैं, जब इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीमा पार से होने वाले हमले तेज़ हो गए हैं. इज़रायली अधिकारियों ने अभी तक इन कथित हमलों के पूरे दायरे की पुष्टि नहीं की है.
ईरान की संसद के स्पीकर के एक सलाहकार ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने दावा किया है कि वॉशिंगटन के पास 'सरेंडर' करने या फिर गंभीर परिणामों का सामना करने के लिए बहुत कम वक्त बचा है.
यह बयान दोनों पक्षों की ओर से बढ़ रही बयानबाज़ी को दर्शाता है, क्योंकि ईरान द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' को फिर से खोलने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा तय की गई समय सीमा तेज़ी से नज़दीक आ रही है.
अल-जज़ीरा ने ईरान की 'मेहर न्यूज़' के हवाले से बताया है कि अमेरिकी और इजरायली सेना द्वारा दागी गई एक मिसाइल से एक यहूदी सिनेगॉग को निशाना बनाया गया.
ईरानी सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे 7 अप्रैल को अमेरिका के संभावित हमले को रोकने के लिए पूरे देश में मौजूद पावर प्लांट के चारों ओर ह्यूमन चेन बनाएं. यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ दिनों बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर संघर्ष-ग्रस्त 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' तय समय के भीतर पूरी तरह से चालू नहीं होता है, तो अमेरिका और इज़राइल की सेनाएं पावर प्लांट और पुलों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर हमला करेंगी.
अल-जज़ीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच चीन एक नई ऊर्जा प्रणाली के निर्माण और उसे तेज़ करने की योजना बना रहा है. राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक बयान में कहा कि यह प्रणाली ऐसे समय में देश की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखेगी.
रूसी समाचार एजेंसी Tass News ने Politico के एक लेख का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरानी प्रतिनिधियों के साथ सीधी बातचीत में हिस्सा ले सकते हैं, बशर्ते मध्यस्थों के ज़रिए चल रहे संपर्क इस दिशा में आगे बढ़ें.
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जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊपर क्रैश हुए F-15E विमान के क्रू सदस्यों की साहसी खोज और बचाव अभियान की तारीफ़ की, वहीं तेहरान ने दावा किया कि यह अभियान इस्लामिक गणराज्य से एनरिच्ड यूरेनियम चुराने की एक चाल थी.
AFP के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा, "कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत में जिस जगह पर अमेरिकी पायलट के मौजूद होने का दावा किया गया था, वह उस जगह से काफ़ी दूर है. जहां उन्होंने मध्य ईरान में अपनी सेना उतारने की कोशिश की थी या उतारना चाहते थे."
बहरीन ने लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की है, क्योंकि नए हमलों की रिपोर्ट के बाद सायरन बजा दिए गए हैं. बहरीन के गृह मंत्रालय ने X पर पोस्ट किए गए एक मैसेज में कहा, "निवासियों से गुजारिश है कि वे शांत रहें और पास की किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं."
अमेरिका के करीबी सहयोगी बहरीन पर, फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले होते रहे हैं.