दिल्ली के यमुना बाजार में बुलडोजर एक्शन चल रहा है, जहां 300 घरों को गिराया जाएगा. ओ जोन बेल्ट में आने की वजह से इन घरों के ऊपर ये कार्रवाई की जा रही है. दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली आपदा प्रवंधन ये कार्रवाई कर रही है. ये घर फ्लड जोन में आते हैं, जिस वजह से यहां बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहता है.
दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत यमुना नदी इस क्षेत्र को ओ जोन का नाम दिया गया है, जिसमें करीब 24 कॉलोनियां है.इन कॉलोनियों के करीब 15 लाख घरों पर डिमोलिशन का खतरा मंडरा रहा है. 20 से 22 किलोमीटर के इस इलाके में वजीराबाद, संगम विहार, जगतपुर, मिलन विहार जैसी कई कॉलोनियां आती हैं.
30 अप्रैल को डीडीए ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर सार्वजनिक नोटिस जारी किया था. जिसमें ये कहा गया था कि ओ- जोन इलाके से अतिक्रमण हटाया जाएगा. इस एक्शन के बाद लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर उनका घर किस जोन में आता है.
यह भी पढ़ें: क्या है 'ओ' जोन विवाद? जिससे दिल्ली की 94 कॉलोनियों के 15 लाख घरों पर बुलडोजर एक्शन का खतरा
कितने जोन में बंटी है दिल्ली?
देश की राजधानी दिल्ली को 15 अलग-अलग जोनों में विभाजित किया गया है. इन जोनों को A से P तक जिसमें I शामिल नहीं है, अक्षरों से पहचाना जाता है. Zone A में पुरानी दिल्ली और चारदीवारी के अंदर के इलाके जैसे चांदनी चौक, जामा मस्जिद, कश्मीरी गेट, पहाड़गंज और सदर बाजार आते हैं.
जोन B क्षेत्र को पुरानी दिल्ली के विस्तार के रूप में देखा जाता है, इसके अंतर्गत मध्य और पश्चिमी दिल्ली के मुख्य व्यावसायिक और आवासीय इलाके आते हैं, जैसे करोल बाग, पटेल नगर, आनंद पर्वत और सराय रोहिल्ला, जैसे इलाके शामिल हैं.
जोन C मुख्य रूप से उत्तरी दिल्ली के हिस्सों को कवर करता है. इसके तहत आजादपुर, सिविल लाइंस, कमला नगर, दिल्ली यूनिवर्सिटी का नॉर्थ कैंपस, मॉडल टाउन और अशोक विहार जैसे प्रमुख शैक्षणिक और आवासीय क्षेत्र आते हैं.
Zone D में पूरी लुटियंस दिल्ली, कनॉट प्लेस, चाणक्यपुरी, खान मार्केट और लोधी रोड जैसे इलाके शामिल हैं. वहीं, यमुना पार के पूरे इलाके को को Zone E कहा जाता है, जिसमें शाहदरा, मयूर विहार, लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार और आनंद विहार जैसे घनी आबादी वाले इलाके हैं.
यह भी पढ़ें: दिल्ली के यमुना बाजार में बुलडोजर एक्शन, खाली कराए जा रहे 300 घर
जोन F दिल्ली के सबसे विकसित इलाकों का गढ़ है, इसमें साकेत, वसंत कुंज, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, हौज खास और एशिया का बड़ा आईटी हब नेहरू प्लेस शामिल हैं. जोन G में बड़े रिहायशी और कमर्शियल हब का बेहतरीन तालमेल है. इसके तहत राजौरी गार्डन, पंजाबी बाग, जनकपुरी, विकासपुरी और उत्तम नगर जैसे घने और लोकप्रिय इलाके आते हैं. Zone H में रोहिणी फेज 1 और 2, पीतमपुरा, शालीमार बाग और सरस्वती विहार जैसे इलाके आते हैं.

जोन J दक्षिण दिल्ली के बाहरी, ग्रामीण और अर्बन विलेज वाले हिस्सों को इसमें रखा गया है. इसके मुख्य इलाके महरौली, छतरपुर, सैनिक फार्म्स और घिटोरनी हैं. जोन K दक्षिण-पश्चिम दिल्ली का यह एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके दायरे में पूरी द्वारका सब-सिटी, नजफगढ़, पालम और इलाका हवाई अड्डा आता है. L जोन दिल्ली का सुदूर पश्चिमी किनारा है, जिसमें हरियाणा बॉर्डर से सटे टिकरी कलां और नजफगढ़ के ग्रामीण इलाके शामिल हैं.
जोन M में रोहिणी, मंगोलपुरी और सुल्तानपुरी जैसे इलाके शामिल हैं, वहीं जोन N में बवाना, कंझावला और अलीपुर जैसे इलाके आते हैं. जोन P दो हिस्सों P-I और P-II में बांटा गया है. इसके अंतर्गत उत्तरी दिल्ली की नरेला सब-सिटी, अलीपुर और बुराड़ी जैसे बड़े क्षेत्र शामिल हैं.