कांग्रेस पार्टी के कार्यालय 24 अकबर रोड को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. इंडिया टुडे को आरटीआई (RTI) से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने साल 2013 से इस बंगले के किराए का भुगतान नहीं किया है. राजनीतिक खींचतान से इतर, यदि इस खबर को रियल एस्टेट और अर्बन डेवलपमेंट के नजरिए से देखा जाए, तो आंकड़े देश के सबसे महंगे सरकारी लैंड बैंक की कहानी बयां करते हैं,
दिल्ली का 'लुटियंस बंगला जोन' (LBZ) देश का सबसे संभ्रांत और महंगा रियल एस्टेट इलाका माना जाता है. यह वो इलाका है जहां एक अदद जमीन का टुकड़ा खरीदना तो दूर, किराए पर लेना भी आम आदमी या बड़ी-बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के बजट से बाहर की बात होती है.
आज की तारीख में अगर दिल्ली-एनसीआर में कोई व्यक्ति एक 1BHK फ्लैट या छोटी सी दुकान भी किराए पर ले, तो उसे कम से कम ₹10,000 से ₹15,000 प्रति महीना चुकाने पड़ते हैं. वहीं दूसरी तरफ, देश के सबसे महंगे पते पर फैला करीब 4,000 वर्ग मीटर का आलीशान Type-VIII बंगला है, जिसका भुगतान भी पिछले 13 सालों से लंबित है.
बाजार कीमत: ₹500 करोड़ से ₹800 करोड़ की प्रॉपर्टी
इस वीवीआईपी जोन के सबसे करीबी रिहायशी इलाकों जैसे पृथ्वीराज रोड, गोल्फ लिंक्स या चाणक्यपुरी में 1 एकड़ साइज के बंगले की बाजार कीमत ₹500 करोड़ से ₹800 करोड़ के बीच आंकी जाती है. रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स और मार्केट ट्रेंड्स के मुताबिक, अगर सरकार इस 1 एकड़ में फैले बंगले को किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) के कॉर्पोरेट ऑफिस को प्राइवेट लीज पर देती, तो इसका मासिक किराया कम से कम ₹5 लाख से ₹10 लाख रुपये या इससे भी अधिक होता.
लुटियंस दिल्ली के मौजूदा कमर्शियल और रिहायशी रियल एस्टेट मार्केट के हिसाब से देखा जाए, तो 24 अकबर रोड की वैल्यू किसी को भी हैरान कर सकती है, इंडिया गेट और केंद्रीय सचिवालय के बिल्कुल नजदीक होने के कारण अकबर रोड की लोकेशन वैल्यू इसे दुनिया के सबसे प्रीमियम और सुरक्षित क्लस्टर्स में शुमार करती है.
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