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युद्ध रुका नहीं... लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, फिर ऐसा क्या हुआ?

कच्‍चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है, लेकिन अभी जंग रुकी नहीं. कच्‍चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुके है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा टल सकता है.

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कच्‍चे तेल के भाव में बड़ी गिरावट. (Photo: ITG/PTI)
कच्‍चे तेल के भाव में बड़ी गिरावट. (Photo: ITG/PTI)

अमेरिका और ईरान में जंग के बीच कच्‍चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. यह पूरी दुनिया के लिए अच्‍छे संकेत हैं, क्‍योंकि इससे ग्‍लोबल महंगाई बढ़ने का खतरा और एनर्जी संकट टल सकता है. कच्‍चे तेल का दाम इस जंग के बीच 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुका है, जबकि दो दिन पहले इसकी कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर थी.

तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के साथ ही शेयर बाजारों में भी तेजी जारी है. एशियाई शेयर बाजारों में शानदार तेजी दिखा रहे हैं. साथ ही भारत के मार्केट में भी तेजी आई है. सेंसेक्‍स 1800 अंकों या 2.60 फीसदी और निफ्टी में 540 अंकों की तेजी आई है. 

कितना गिरे तेल के दाम? 
इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ब्रेंट क्रूड 4.7% गिरकर $99.05 प्रति बैरल पर आ गया है. जबकि बेंचमार्क US क्रूड 4% गिरकर $97.33 प्रति बैरल पर आ गया. तेल के दाम गिरने के साथ ही साउथ कोरिया का KOSPI इस हफ़्ते की शुरुआत में हुए नुकसान से उबर गया, अब 8.4% बढ़कर 5,478.70 पर आ चुका है, जबकि टोक्यो का निक्केई 225 करीब 5.2% बढ़कर 53,739.68 पर आ गया है. हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सेंग 2.3% बढ़कर 25,346.42 पर पहुंच गया, जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 1.5% बढ़कर 3,948.55 पर ट्रेड कर रहा था.

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अचानक क्‍यों गिरे तेल के दाम? 
अब सवाल ये है कि कच्‍चे तेल के दाम में इतनी गिरावट क्‍यों हुई है. दरअसल, ईरान युद्ध में तनाव कम होने की उम्‍मीदों के चलते तेल की कीमतों में नरमी आई है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ईरान से जंग को खत्‍म करना चाहते हैं, चाहे होर्मुज का रास्‍ता खुले या फिर नहीं.

इस बयान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि जंग अब लगभग खत्‍म हो जाएगा, जिसे ऑयल मार्केट पॉजिटिव ले रहा है. साथ ही ग्‍लोबल से एशियाई बाजारों में बड़ी रैली आई है. एक्‍सपर्ट्स यह भी उम्‍मीद जता रहे हैं ट्रंप के जंग बंद करने के बाद होर्मुज का रास्‍ता भी पूरी तरह से खुल जाएगा, जिसके बाद तेल कीमतें तेजी से नीचे आएंगे.

हालांकि अभी युद्ध खत्म होने की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए ये मान लेना कि कीमतें आगे अब और नहीं बढ़ेंगी, ये गलत भी साबित हो सकता है. लेकिन अगर दोनों तरह से युद्ध युद्ध खत्म करने की घोषणा हो जाती है तो फिर कीमतें और घट सकती हैं. बता दें, जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में 30 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है.  

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गौरतलब है कि  सेंसेक्‍स 1847 अंक या 2.60 फीसदी चढ़कर 73,777.21 पर कारोबार कर रहा है और निफ्टी50 525.25 अंक या (2.35%) चढ़कर 22,856.65 पर कारोबार कर रहा है.

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