सोमवार को भारी गिरावट के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में शानदार तेजी रही. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और प्रमुख क्षेत्रों में खरीदारी से निवेशकों का मनोबल बढ़ा है. 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 639.82 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 78,205.98 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 इंडेक्स 233.55 अंक या 0.97 प्रतिशत बढ़कर 24,261.60 पर स्थिर हुआ.
इस तेजी के कारण निवेशकों की संपत्ति में एक ही सेशन में 6.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की तेजी हुई. BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के 441.10 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 447.22 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिसमें 6.1 लाख करोड़ रुपये की तेजी हुई.
ICICI बैंक लिमिटेड, HDFC बैंक लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (एम एंड एम), एक्सिस बैंक लिमिटेड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी), कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील और इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो की मूल कंपनी) जैसे हैवीवेट शेयरों में खरीदारी से बेंचमार्क सूचकांकों को ऊपर उठाने में मदद मिली.
इन सेक्टर्स में रही तेजी
सत्र के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला. ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और रियल्टी शेयरों में खरीदारी का रुझान दिखा, जबकि आईटी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.62 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.12 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज की इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बाथिनी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में 120 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर से आई गिरावट ने बाजार में कुछ सकारात्मकता लाई है. हम थोड़ी रिकवरी और कुछ निचले स्तर पर खरीदारी देख रहे हैं. आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या मौजूदा स्तर कायम रह सकते हैं. ब्रेंट क्रूड की कीमत आज गिरकर लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल हो गई.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि ट्रंप के उन बयानों के बाद जिनमें उन्होंने युद्ध के संभावित अंत का संकेत दिया था, कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद वैश्विक बाजार की भावना में सुधार आया है. उन्होंने आगे कहा कि निकट भविष्य में, बाजार अनिश्चित बने रहने की संभावना है, क्योंकि निवेशक भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं.
चोलमंडालम सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड धर्मेश कांत भी इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए मानते हैं कि बाजार निकट भविष्य में अस्थिर रह सकता है, लेकिन उन्हें चुनिंदा क्षेत्रों में अवसर उभरते हुए दिखाई देते हैं.