शेयर बाजार में सप्ताह का पहला कारोबारी दिन बेहद खराब साबित हुआ. खुलने के साथ ही Stock Market Crash हो गया और मार्केट क्लोज होने तक सेंसेक्स-निफ्टी संभल नहीं सके. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिनभर की गिरावट के बाद अंत में 1635 अंक या 2.22 फीसदी की बड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ.
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स ने भी 488 अंक या 2.14 फीसदी फिसलकर क्लोजिंग की. बाजार में आए इस भूचाल में बड़ी-बड़ी दिग्गज कंपनियों के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आई और बुरी तरह टूटकर बंद हुए. इस बड़ी गिरावट के चलते बीएसई का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये कम हो गया.
संभल ही नहीं सके सेंसेक्स-निफ्टी
शेयर मार्केट में गिरावट के बीच दोनों इंडेक्स शुरुआत से लेकर अंत कर संभल नहीं सके. BSE Sensex अपने शुक्रवार के बंद 73,583 की तुलना में फिसलकर 72,565 पर ओपन हुआ था और दिन के कारोबार के दौरान ये करीब 1800 अंकों से ज्यादा फिसलकर 71,774 तक आ गया था. बाजार बंद होते-होते मामूली रिकवरी तो नजर आई, फिर भी सेंसेक्स 1635 अंक फिसलकर 71,947.55 पर क्लोज हुआ.
बात NSE Nifty की करें, तो इसका हाल भी सेंसेक्स के जैसा ही रहा और दिन भर ये रेड जोन में नजर आता रहा. अपने पिछले बंद 22,819 के मुकाबले टूटकर 22,549 पर ओपनिंग करने के बाद ये भी तेज रफ्तार के साथ फिसलता चला गया और 22,283 के दिन के निचले स्तर तक टूटा. हालांकि, अंत में ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स 488.20 अंक की गिरावट लेकर 22,331.40 पर क्लोज हुआ.
सबसे ज्यादा बिखरे ये 10 शेयर
बाजार के भूचाल में सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Bajaj Finance Share (5.09%), SBI Share (3.95%), IndiGo Share (3.80%), Axis Bank Share (3.59%), Kotak Bank Share (3.48%) और HDFC Bank Share (3.23%) की गिरावट लेकर बंद हुआ. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (5.43%), Paytm Share (4.98%), IDFC First Bank Share (4.85%) और Yes Bank Share (4.80%) फिसलकर क्लोज हुआ.
बाजार में गिरावट के चार कारण
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, एक नहीं कई कारणों से बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ है. विदेशी बाजारों में गिरावट से पहले ही सेंसेक्स निफ्टी के लिए निगेटिव सिग्नल मिल रहे थे. इसके साथ ही क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक फिर से आए बड़े उछाल की वजह से बाजारों में भगदड़ मची. बता दें कि Brent Crude Oil Price 115 डॉलर प्रति बैरल के पार ट्रेड कर रहा था.
अन्य कारणों में सबसे बड़ा डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया में आई गिरावट भी है, जो इतिहास में पहली बार सोमवार को 95 तक टूट गई. बीते कुछ दिनों से इसमें जारी गिरावट को देखते हुए एक्सपर्ट इस स्तर कर टूटने का अनुमान जाहिर कर रहे थे.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)