ईरान-अमेरिका जंग के फिर से शुरू होने के संकेत और पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के दूसरे दिन भी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है. सेंसेक्स करीब 1500 अंक टूट गया और निफ्टी में 400 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. मिडकैप और स्मॉलकैप में भी हैवी गिरावट रही. रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी उछाल रही.
सबसे दर्दनाक दिन आईटी के लिए रहा, जो 3.50 फीसदी से ज्यादा गिरकर बंद हुआ. एनएसई पर मेटल, तेल और गैस, पब्लिक सेक्टर के बैंकों को छोड़कर सभी सेक्टर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई.
निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.26 प्रतिशत और 0.81 प्रतिशत की गिरावट आई. बीएसई सेंक्सेक्स 1456 अंक या 1.92 फीसदी टूटकर 74,559 पर बंद हुआ. निफ्टी 436 अंक या 1.83 फीसदी टूटकर 23380 पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक में 884 अंकों की गिरावट रही.
11 लाख करोड़ का नुकसान
बीएसई के टॉप 30 में से सिर्फ 3 शेयरों में तेजी रही. बाकी 27 शेयर गिरकर बंद हुए. सबसे ज्यादा अडानी पोर्ट, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल जैसे शेयरों में गिरावट आई. इस तेज गिरावट के कारण आज निवेशकों के 11 लाख करोड़ साफ हो गए, क्योंकि बीएसई मार्केट कैप 467 लाख करोड़ से घटकर 456 लाख करोड़ रुपये पर आ गया.
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट क्यों?
पीएम मोदी की अपील से भी गिरा मार्केट
पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईंधन संकट को कम करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीयों से अगले एक साल के लिए सोने की खरीद नहीं करने और घर से काम करने की रिक्वेस्ट करने के बाद बेंगलुरु स्थित रियल एस्टेट और ज्वेलरी शेयरों में लगातार दूसरे दिन बिकवाली का दबाव जारी रहा.
रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वेस्ट एशिया तनाव को लेकर चिंताओं के बीच रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 95.63 पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 95.57 पर खुला और बाद में 35 पैसे गिरकर 95.63 पर आ गया.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)