दुनिया के शेयर बाजार एक बार फिर दहशत में आ गए हैं. ईरान और इजरायल के बीच फिर शुरू हुए मिसाइल अटैक से ये सहमे नजर आ रहे हैं. जापान का निक्केई सोमवार को खुलने के साथ ही क्रैश हो गया, तो साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी बुरी तरह बिखरा हुआ नजर आया. हांगकांग के शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
जंग की शुरुआत से हर ओर लाल निशान पर कारोबार हो रहा है और भारतीय शेयर बाजार के लिए भी ये निगेटिव सिग्नल हैं. पहले से ही अमेरिका और ईरान में तनातनी से भारतीय बाजार संभल नहीं पा रहा था, अब ईरान-इजारायल में जंग की शुरुआत ने चिंता को और भी बढ़ा दिया है. हालांकि, इन सबके बीच गिफ्ट निफ्टी ग्रीन में कारोबार कर रहा है, जो Indian Stock Market के लिए बड़ा संकेतक माना जाता है.
एशियाई बाजारों में मचा कोहराम
Iran-Israel Attacks की खबर आते ही दुनिया के शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया. जापान की बात करें, तो Nikkei Index करीब 2800 अंक या 5 फीसदी के आसपास टूटकर कारोबार कर रहा था. तो वहीं हांगकांग का Hangseng Index भी करीब 280 अंक की गिरावट में था, तो वहीं साउथ कोरिया के Kospi Index में भी बहुत बड़ी गिरावट आई और ये 400 अंक या 4 फीसदी के आसपास बिखरकर कारोबार कर रहा था.
भारत के लिए रेड सिग्नल
एशियाई शेयर बाजारों में मचे कोहराम से भारतीय शेयर बाजार में भी सुस्ती देखने को मिल सकती है. बीते सप्ताह सेंसेक्स-निफ्टी ने तेज गिरावट देखी थी और सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भी दोनों इंडेक्स के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे हैं. बीते शुक्रवार को 30 शेयरों वाला BSE Sensex 116 अंक की गिरावट लेकर 74,243 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी गिरावट के साथ 24,000 के नीचे बंद हुआ था.
ईरान-इजरायल जंग, डराने लगा तेल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से पहले ही कच्चे तेल की कीमतें दुनिया को डरा रही थीं. अब ईरान और इजरायल में नए सिरे से भीषण जंग ने अचानक क्रूड की कीमतों में आग लगा दी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Price) करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 96 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है. तो वहीं WTI Crude Price भी करीब इतनी ही बढ़त के साथ 94 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है.
कच्चे तेल की कीमतों में फिर से लगी आग ने दुनिया में महंगाई का जोखिम बढ़ने की चिंता में इजाफा कर दिया है, क्योंकि पहले से ही Hormuz Strait बंद होने को लेकर सप्लाई में रुकावट और तेल-गैस संकट ने बड़ी मुसीबत खड़ी की हुई है और अगर ईरान-इजरायल में जंग तेज होती है, तो फिर ये बढ़ सकती है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)