सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी कन्फ्यूजन देखने को मिल रहा है. फ्लैट शुरुआत के बाद सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स पल में ग्रीन जोन में नजर आ रहे हैं, तो अगले ही पल गिरावट के साथ रेड जोन में पहुंच रहे. बाजार में ये उतार-चढ़ाव ऐसे समय में देखने को मिल रहा है, जबकि विदेशों से पॉजिटिव सिग्नल मिल रहे हैं. दरअसल, एशियाई शेयर बाजारों ने बीते कारोबारी दिन के बड़े क्रैश के बाद जोरदार वापसी की है, तो वहीं Gift Nifty भी बढ़त में कारोबार करता दिखा है, जो कि सेंसेक्स-निफ्टी के लिए प्रमुख संकेतक माना जाता है.
सेंसेक्स-निफ्टी की फ्लैट शुरुआत
शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की सुस्त शुरुआत हुई. बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,708 की तुलना में गिरावट के साथ 77,649 पर खुला. शुरुआत के बाद ही इसमें उथल-पुथल नजर आने लगी, कभी ये बढ़त लेकर ग्रीन जोन में कारोबार करते हुए 77,753 पर पहुंचा दिखा, तो अगले ही पल ये गिरकर 77,541 पर आ गया.
सेंसेक्स की तरह NSE Nifty की चाल भी कन्फ्यूज करती हुई नजर आ रही है. अपने पिछले बंद 24,238 की तुलना में मामूली गिरावट लेकर खुला ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स ओपनिंग के कुछ ही मिनटों में बढ़त के साथ 24,262 के लेवल पर कारोबार करता दिखा, तो वहीं अगले ही पल ये भी फिसलकर 24,203 पर आ गया.
कल ऐसा था बाजार का हाल
गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही Sensex-Nifty दोनों इंडेक्स धड़ाम हो गए थे. शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 700 अंक से ज्यादा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी करीब 180 अंक के आसपास गोता लगा गया था. हालांकि, बाजार में आखिरी कारोबारी घंटे में रिकवरी भी देखने को मिली थी, फिर भी BSE Sensex 443 अंक, जबकि NSE Nifty 96 अंक फिसलकर क्लोज हुआ था.
इस कन्फ्यूजन की वजह क्या?
जापान से कोरिया तक के शेयर बाजारों में तेजी के बीच आखिर शेयर बाजार में इस उतार-चढ़ाव की वजह क्या है? इसके पीछे के कारणों की बात करें, तो रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच ईरान-अमेरिका के अंतरिम समझौते पर फिर से बात के लिए मध्यस्थों ने 10 दिन के सीजफायर का प्रपोजल रखा है.
वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट भी देखने को मिली है, तो वहीं होर्मुज बंद होने के बाद अब एक और जरूरी शिपिंग रूट बॉब अल मंडेब पर संकट मंडरा रहा है, जो दुनिया के लिए संकट खड़ा कर सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के लिए यहां नाकाबंदी कर दी है.
कहां तेजी, कहां पर गिरावट?
शेयर बाजार में इस उथल-पुथल के बीच अगर शेयरों पर नजर डालें, तो BSE लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HDFC Bank, Eternal, Infosys, SBI, TCS, Reliance जैसे स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिली है, तो वहीं Tech Mahindra, IndiGo, Bajaj Finserv, Asian Paints, Axis Bank जैसे बड़े शेयर ग्रीन जोन में कारोबार करते दिखे हैं.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)