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Billionaire Lakshmi Mittal: फर्श पर सोने से अरबपति बनने तक, दिलचस्प हैं लक्ष्मी मित्तल से जुड़े ये 10 फैक्ट

Rajasthan Royals IPL टीम के नए मालिक लक्ष्मी निवास मित्तल का जन्म राजस्थान के सादुलपुर में हुआ था. उन्होंने राजस्थान रॉयल्स का सौदा वैक्सीन किंग अदार पूनावाला के साथ मिलकर 15,660 करोड़ रुपये में किया है.

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स्टील किंग अरबपति लक्ष्मी मित्तल ने किया है राजस्थान रॉयल्स का सौदा. (File Photo: ITG)
स्टील किंग अरबपति लक्ष्मी मित्तल ने किया है राजस्थान रॉयल्स का सौदा. (File Photo: ITG)

इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL की दिग्गज टीम राजस्थान रॉयल्स को खरीदने वाले 75 साल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल को स्टील किंग (Steel King Lakshmi Mittal) के नाम से भी जाना जाता है. मित्तल फैमिली ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर इस आईपीएल टीम का सौदा 15,660 करोड़ रुपये की बड़ी रकम में किया है. इस डील के जरिए Lakshmi Mittal Family के पास टीम में 75% की हिस्सेदारी आएगी. 

लक्ष्मी मित्तल का जन्म और पालन-पोषण उत्तरी राजस्थान के सादुलपुर में हुआ था. Steel King के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले भारतीय मूल के अरबपति Lakshmi Mittal अब तक ब्रिटेन के सबसे अमीरों की लिस्ट में शामिल रहे थे. वहीं फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, वे भारत के सबसे अमीरों की लिस्ट में 28.4 अरब डॉलर की नेटवर्थ (Lakshmi MIttal Networth) के साथ चौथे नंबर पर आते हैं. 

Rajasthan Royals के नए मालिक लक्ष्मी मित्तल भले ही आज प्राइवेट लग्जरी विमानों में सफर करते हैं, महलनुमा घर में रहते हैं, लेकिन देश के सबसे अमीरों में शामिल ये अरबपति शुरुआती दिनों में बेहद साधारण जीवन जीते हैं, यहां तक उनका पूरा परिवार फर्श पर सोता था. आइए जानते हैं लक्ष्मी मित्तल से जुड़ी 10 दिलचस्प बातें...

1- धन की देवी पर रखा गया नाम
राजस्थान के एक मारवाड़ी व्यापारी परिवार में जन्मे मित्तल का नाम धन और समृद्धि की हिंदू देवी के नाम पर 'लक्ष्मी' रखा गया था. इस नाम के अनुरूप ही उनका नाम सबसे अमीरों की लिस्ट में शामिल होता गया, और दुनिया भर में उनका कारोबार फैलता चला गया. 

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2- बचपन में फर्श पर सोता था परिवार
आज निजी जेट विमानों और आलीशान घरों में रहने वाले लक्ष्मी निवास मित्तल का बचपन में पालन-पोषण साधारण परिवेश में हुआ था. ऐसा बताया जाता है कि उनका लगभग 20 लोगों का बड़ा परिवार उनके दादा द्वारा बनाए गए घर में एक साथ रहता था, कंक्रीट के फर्श पर सोता था और खुले में उनके यहां पर खाना पकता था. 

3- इंडोनेशिया से विशाल साम्राज्य की शुरुआत 
साल 1976 में, जब भारत के इस्पात उद्योग को उत्पादन पर भारी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा, तो लक्ष्मी मित्तल 26 वर्ष की उम्र में इंडोनेशिया चले गए. वहां उन्होंने अपना पहला इस्पात संयंत्र, पीटी इस्पात इंडो स्थापित किया, ये एक ऐसा निर्णय था, जिसने उनके वैश्विक स्टील साम्राज्य की शुरुआत की थी. 

4- घाटे में चल रही मिलों की खरीदारी 
लक्ष्मी मित्तल ने दुनियाभर में घाटे में चल रही सरकारी इस्पात मिलों को खरीदकर उन्हें फायदे का सौदा बनाने का काम किया और इसके लिए उन्हें पहचाना जाने लगा. उनकी कारोबार विस्तार रणनीति ने इस सेक्टर के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में से एक के तौर पर स्थापित किया. उनकी कंपनी आर्सेलरमित्तल आज स्टील सेक्टर में एक बड़ी खिलाड़ी है. ये विश्व की दूसरी सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी है. इसमें Lakshmi Mittal और उनके परिवार के पास लगभग 40% की हिस्सेदारी है.

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5- ताजमहल वाले संगमरमर वाला बंगला 
लक्ष्मी मित्तल साल 1995 में लंदन गए थे और वे जल्द ही ब्रिटेन के सबसे प्रमुख भारतीय कारोबारियों में से एक बन गए. ब्रिटेन में संपत्ति की बात करें, तो लंदन का बिलियनेयर्स-रो कहे जाने वाले केंसिंग्टन पैलेस गार्डन्स में उनका महल जैसा घर कभी दुनिया के सबसे महंगे घरों में गिना जाता था. रिपोर्ट्स की मानें, तो इस बंगले में इस्तेमाल किया गया संगमरमर उसी खदान से लिया गया था, जिसका उपयोग दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल के निर्माण में किया गया था. 

6- फोर्ब्स की टॉप-10 लिस्ट में पहले भारतीय 
Lakshmi Mittal 2005 में फोर्ब्स की ग्लबोल रिच लिस्ट के टॉप 10 रैकिंग में एंट्री लेने वाले पहले भारतीय नागरिक बने थे. एक समय वे दुनिया के तीसरे सबसे धनी व्यक्ति तक बन गए थे, जो कमोडिटी बूम के दौरान वैश्विक इस्पात व्यवसाय के तेज विस्तार को दर्शाता है. 

7- बुर्ज खलीफा से भी जुड़ा है नाम
जैसा कि बताया कि मित्तल को स्टील किंग भी कहा जाता है, तो ये ऐसे ही नहीं है. इसे उदाहरण से ऐसे समझा जा सकता है कि मित्तल से जुड़ी कंपनियों द्वारा प्रोड्यूस किए गए स्टील का उपयोग दुनिया की कई बड़ी परियोजनाओं में किया गया है. इनमें दुबई की बुर्ज खलीफा से लेकर 2012 के लंदन ओलंपिक के लिए निर्मित आर्सेलरमित्तल ऑर्बिट मूर्तिकला शामिल हैं. 

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8- भारतीय ओलंपिक को समर्थन 
ओलंपिक में भारत के निराशाजनक पदक प्रदर्शन ने लक्ष्मी मित्तल को इतना चिंतित कर दिया था कि उन्होंने 90 लाख डॉलर के योगदान के साथ मित्तल चैंपियंस ट्रस्ट की स्थापना कर दी थी. इस पहल का उद्देश्य होनहार भारतीय एथलीटों को वित्तीय सहायता देकरदेश के अंतरराष्ट्रीय खेल प्रदर्शन में सुधार लाना था. 

9- दान देने में आगे लक्ष्मी मित्तल
स्टील किंग मित्तल बड़े दानवीर भी माने जाते हैं, उन्होंने कई महत्वपूर्ण दान दिए हैं. इनमें से सबसे उल्लेखनीय दान 2008 में लंदन के ग्रेट ओर्मंड स्ट्रीट अस्पताल को दिया गया, जो 15 मिलियन पाउंड का था. इसके जरिए एक नए चाइल्ड हॉस्पिटल का निर्माण किया गया था, जो 2012 में बनकर तैयार हुआ था. उस समय इस दान को अस्पताल का सबसे बड़ा निजी योगदान बताया गया था. 

10- बेटी की शादी ने दुनिया को चौंकाया 
2004 में, लक्ष्मी मित्तल ने पेरिस में अपनी बेटी वनिषा मित्तल की शादी का आयोजन किया, जो दुनिया की सबसे भव्य शादियों में से एक थी. कई दिनों तक चले इस समारोह में कथित तौर पर लगभग 60 मिलियन डॉलर का खर्च आया और इसमें वर्साय पैलेस में आयोजित कार्यक्रम भी शामिल थे. यह शादी अरबपतियों के बढ़ते प्रभाव के युग का प्रतीक बनी और अपनी भव्यता के कारण वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी रही थी. 

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