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रेल के पुराने डिब्बे को दिया नया अवतार, बनने जा रहा है शानदार रेस्टोरेंट, Photo

रेल कोच रेस्टोरेंट भारतीय रेलवे के उन पुराने डिब्बों (Coaches) को नया जीवन देने की एक आकर्षक पहल है, जिन्हें हेरिटेज और मॉडर्न लुक के साथ एक प्रीमियम डाइनिंग स्पेस में बदला जाता है.

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रेल कोच रेस्टोरेंट की तैयारी तेज. (Photo: Indian Railways)
रेल कोच रेस्टोरेंट की तैयारी तेज. (Photo: Indian Railways)

अक्सर आपने रेलवे स्टेशनों के आसपास पुराने कोच यानी यात्री डिब्बे देखे होंगे, जिसपर जंग लगा हुआ होता है, और वर्षों तक ऐसे ही पड़े रहते हैं. क्योंकि रेलवे सेफ्टी के नजरिये से पुराने डब्बे को बदलते रहता है. लेकिन अब उन पुराने डब्बों को भी रेलवे ने बेहतरीन इस्तेमाल में लाने का प्लान बना लिया है.

इसी कड़ी में पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के अंतर्गत आने वाले गांधीधाम रेलवे स्टेशन पर 'रेल कोच रेस्टोरेंट' का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. बहुत जल्द यह अनूठा रेस्टोरेंट यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा. गांधीधाम स्टेशन का यह रेल कोच रेस्टोरेंट आने वाले दिनों में शहर के मुख्य आकर्षण और 'फूड स्पॉट' के रूप में अपनी खास पहचान बनाने के लिए तैयार है.

बनने वाला है अनूठा रेस्टोरेंट 
पश्चिम रेलवे, अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश ने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ गांधीधाम स्टेशन का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन रेल कोच रेस्टोरेंट के बुनियादी ढांचे, इंटीरियर डिजाइन, सुरक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता मानकों की विस्तृत समीक्षा की. डीआरएम ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर काम को पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जल्द इसका भव्य उद्घाटन किया जा सके. 

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कैसा होगा गांधीधाम का रेल कोच रेस्टोरेंट?
रेल कोच रेस्टोरेंट भारतीय रेलवे के उन पुराने डिब्बों (Coaches) को नया जीवन देने की एक आकर्षक पहल है, जिन्हें हेरिटेज और मॉडर्न लुक के साथ एक प्रीमियम डाइनिंग स्पेस में बदला जाता है. कोच के अंदर बैठने की आरामदायक व्यवस्था, आकर्षक लाइटिंग और रेलवे के इतिहास को दर्शाते हुए कलात्मक डिजाइन तैयार किए गए हैं. 

यहां यात्रियों और शहर के लोगों को उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय, गुजराती और फास्ट फूड सहित तमाम तरह के व्यंजनों का स्वाद मिलेगा. ट्रेन का इंतजार कर रहे मुसाफिरों के साथ-साथ शहर के आम लोग भी बिना यात्रा टिकट के अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहां आकर भोजन का आनंद ले सकेंगे.

यात्रियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ
बता दें, कच्छ क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र होने के नाते गांधीधाम स्टेशन पर रोजाना हजारों मुसाफिरों की आवाजाही होती है. यह रेस्टोरेंट न केवल यात्रियों के प्रतीक्षा समय को खुशनुमा बनाएगा, बल्कि रेलवे के लिए 'गैर-किराया राजस्व' जुटाने का एक मजबूत साधन भी बनेगा. इसके अलावा इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे.

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