रिलायंस इंडस्ट्रीज सपोर्टिव के शेयरों में गुरुवार को अपर सर्किट लगा है. 5 फीसदी चढ़कर यह शेयर 215.35 रुपये पर पहुंच गए. इस स्तर पर, मल्टीबैगर स्टॉक ने पिछले छह महीनों में 250.11 प्रतिशत की तेजी दिखाई है. यह शेयर HFCL है, जिसमें मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का मोटा निवेश है.
बीएसई और एनएसई के शेयर बाजारों ने HFCL की प्रतिभूतियों को दीर्घकालिक एएसएम (अतिरिक्त निगरानी उपाय) ढांचे के तहत रखा है. शेयर बाजार निवेशकों को शेयर की कीमतों में ज्यादा से ज्यादा अस्थिरता के प्रति सचेत करने के लिए शेयरों को शॉर्ट टर्म या लॉन्गटर्म एएसएम ढांचे में रखते हैं.
मुकेश अंबानी का मोटा निवेश
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से HFCL में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखती है. 31 मार्च, 2026 तक, रिलायंस वेंचर्स लिमिटेड के पास 2,26,81,422 इक्विटी शेयर या 1.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि रिलायंस स्ट्रेटेजिक बिजनेस वेंचर्स लिमिटेड (RSBVL) के पास 4,85,32,764 इक्विटी शेयर या कंपनी में 3.17 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही तक, RIL की कुल स्टॉक होल्डिंग 4.65 प्रतिशत थी.
इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करके औपचारिक रूप से अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) प्रक्रिया शुरू कर दी है.
ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस से पता चलता है कि प्रस्तावित IPO पूरी तरह से एक नया इश्यू होगा, जिसमें 10 रुपये प्रति शेयर के फेस वैल्यू वाले 270 मिलियन इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. इसका उद्देश्य कंपनी के लिए सीधे पूंजी जुटाना है. मौजूदा स्टॉक होल्डर्स द्वारा कोई ऑफर-फॉर-सेल (OFS) नहीं होगा. फिलहाल, एचएफसीएल के संस्थापक और प्रबंध निदेशक महेंद्र नाहटा समेत किसी भी निवेशक का प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से शेयर बेचने का इरादा नहीं है.
मोतीलाल और इन लोगों का भी मोटा निवेश
मोतीलाल ओसवाल ने दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं की इस प्रमुख कंपनी का कुल इक्विटी प्राइस 10.7 लाख करोड़ रुपये आंका है. इस वैल्यूवेशन के आधार पर, जियो प्लेटफॉर्म्स में नाहटा की 0.54 प्रतिशत हिस्सेदारी, जिसे उन्होंने 2020 में कुल 47.87 करोड़ रुपये के निवेश से हासिल किया था, अब लगभग 5,800 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
वहीं, HFCL एक टेक कंपनी है जो ऑप्टिकल फाइबर और केबल निर्माण, दूरसंचार नेटवर्किंग उत्पादों और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्यरत है. इसके पोर्टफोलियो में उच्च फाइबर वाले केबल, राउटर, वाई-फाई और डेटा सेंटर सॉल्यूशन के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज, रडार और थर्मल हथियार साइट्स जैसे डिफेंस सिटम शामिल हैं, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करती हैं.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)