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ये पांच देश भारत भरोसे... संकट से पहले बोला- दे दो हमें ज्यादा तेल गैस!

मिडिल ईस्‍ट में तनाव के कारण दुनिया भर में एनर्जी संकट गहराया हुआ है. हालांकि भारत में तेल की सप्‍लाई पर्याप्‍त है और सरकार का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. वहीं भारत के पड़ोसी मुल्‍क भी भारत के भरोसे हैं.

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भारत पर निर्भर ये देश. (Photo: Reuters)
भारत पर निर्भर ये देश. (Photo: Reuters)

मिडिल ईस्‍ट में जंग के कारण दुनिया में तेल-गैस को लेकर संकट दिखाई दे रहा है. भारत और चीन जैसे देशों ने तो स्थिति को संभाला है और देश में पर्याप्‍त भंड़ार बनाए रखा है, फिर भी पैनिक सियुएशन के कारण LPG की समस्‍या कई जगहों पर देखी गई है. वहीं छोटे देश जैसे पाकिस्‍तान-बांग्‍लादेश जैसे देशों में एनर्जी का भारी संकट आ चुका है, जिस कारण महंगाई भी तेजी से बढ़ रही है. 

ऐसे में इन गंभीर संकट से बचने के लिए पाकिस्‍तान को छोड़कर पांच पड़ोसी मुल्‍क भारत पर ही निर्भर हैं. मिडिल ईस्‍ट में तनाव के कारण इन देशों पर भी पेट्रोलियम उत्‍पाद का संकट आ चुका है. ये पांच देश नेपाल, बांग्‍लादेश, भुटान, म्यांमार और श्रीलंका शामिल हैं. 

कैसे जाता है इन देशों में गैस और तेल
नेपाल, पाइपलाइन और टैंकर दोनों से तेल और गैस का आयात करता है. खास तौर पर Motihari–Amlekhganj Petroleum Pipeline के जरिए भारत से नेपाल के लिए तेल का निर्यात होता है. यह देश भारत के करीब है, इसलिए इसे आसानी और कम लागत में पेट्रोलियम उत्‍पाद मिल जाते हैं. 

बांग्लादेश पाइपलाइन और समुद्री रास्ते से भारत से तेल का आयात करता है. भूटान का 100 फीसदी तेल भारत से ही जाता है, म्‍यांमार, सड़क और समुद्री मार्ग से तेल का आयाता करता है और श्रीलंगा सिर्फ समुद्री जहाजों से तेल का आयात करता है. 

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भारत से कितना तेल-गैस आयात करते हैं ये देश? 

  • नेपाल- भारत से लगभग 1.6 से 1.8 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्‍पाद हर साल आयात करता है. नेपाल की लगभग पूरी पेट्रोलियम जरूरत भारत से पूरी होती है और इसको सप्‍लाई IOCL के जरिए की जाती है. 
  • बांग्‍लादेश- यह देश भारत से लगभग 2.5–3 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पाद प्रति वर्ष मंगाता है, जिसमें डीजल और प्रेट्रोल प्रमुख हैं. 
  • श्रीलंका- इस देश में आर्थिक संकट होने के बाद भी सप्‍लाई बढ़ी है. यह हर साल 1–1.5 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पाद मंगाता है. 
  • भूटान- भारत के लिए यह बहुत छोटा सा मार्केट है, लेकिन यह हर साल भारत से .15–0.2 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्‍पाद मंगाता है. इससे भूटान की जरूरतें पूरी हो जाती है. 
  • म्‍यांमार- यह देश भारत से लगभग 0.4–0.6 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पाद मंगाता है. 

बांग्‍लादेश ने भारत से मांगा अतिरिक्‍त तेल 
कुल मिलाकर भारत इन देशों को 6 से 7 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्‍पाद निर्यात करता है. अब संकट के समय में इनमें से एक देश ने भारत से पेर्टोलियम उत्‍पाद के लिए अपील की है. बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल सप्लाई की मांग की है. Bangladesh Petroleum Corporation ने भारत से 5,000 टन अतिरिक्त डीजल देने का अनुरोध किया. बाद में 50,000 टन तक अतिरिक्त डीजल की मांग भी रखी है. वहीं बाकी देशों को लेकर भारत ने कहा है कि निर्यात के लिए उसके पास पर्याप्‍त ईंधन है और भारत में भी तेल-गैस की कोई कमी नहीं है.

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