भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी फाइनल मुहर नहीं लग सकी है. इस बीच एक रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से ये दावा किया गया कि भारत ने अमेरिका के साथ त्वरित अंतरिम व्यापार समझौते को कथित तौर पर खारिज कर दिया है और भारत ने एक अधिक लाभदायक समझौते पर जोर देने का विकल्प चुना है.
इसे लेकर सरकार का बयान (Govt Statement) आ गया है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने इस तरह की खबरों को झूठा और निराधार बताते हुए अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को अस्वीकार करने की खबरों का खंडन किया.
'ये झूठ है, शानदार रहीं बैठकें'
पीयूष गोयल ने कहा कि India-US Trade Deal को लेकर उनकी अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ शानदार बैठकें हुईं. त्वरित अंतरिम व्यापार समझौते को कथित तौर पर खारिज करने की खबरों को गलत बताते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर अपने आधिकारिक अकाउंट से पोस्ट करते हुए लिखा, 'यह खबर पूरी तरह से झूठी, निराधार और भ्रामक है.'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों पक्ष एक ऐसे समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो संतुलित हो, व्यावसायिक रूप से सार्थक हो और दोनों देशों में बिजनेस, किसानों, लेबर और उपभोक्ताओं के लिए लाभ का सौदा हो.
This news is completely false, baseless and misleading.
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 13, 2026
I had fantastic meetings with USTR Jamieson Greer, @USTradeRep, when he visited Delhi in June. Both sides reaffirmed their commitment to an agreement that is balanced, commercially meaningful, and delivers tangible… https://t.co/0JZOULEL6i
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?
गौरतलब है कि रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में अधिकारियों और विश्लेषकों के हवाले से ये कहा गया था कि भारत ने अमेरिका के साथ त्वरित अंतरिम ट्रेड समझौते को कथित तौर पर खारिज किया है और एक ज्यादा लाभदायक समझौते के लिए दबाव बनाने का विकल्प चुना है, जो भारतीय निर्यातकों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हों.
रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि, 'हमारा रुख स्पष्ट है, हम ऐसे किसी भी समझौते को जल्दबाजी में करने का इरादा नहीं रखते, जो अनुकूल शर्तों पर आधारित न हो.'
एक्स्ट्रा US टैरिफ पर कैसा रुख?
इस रिपोर्ट में कहा गया था कि अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ के जोखिम के बावजूद भारत अपना रुख सख्त बनाए हुए है. बता दें कि Donald Trump प्रशासन इस महीने के अंत में नए टैरिफ लागू करने से पहले भारत से जल्द व्यापार रियायतें चाहता था. ऐसे में त्वरित समझौता खारिज होने से इसका खतरा बढ़ सकता है.
फिलहाल, ज्यादातर भारतीय सामानों पर अमेरिका 10% का टैरिफ लगाता है. लेकिन अमेरिका ने भारत सहित दर्जनों देशों पर 12.5% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि, भारत ने अधिक शुल्क लगाने की आशंका को खारिज किया है.