भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-EU FTA) का ऐलान हो चुका है. दोनों देशों ने ज्यादातर समानों पर शून्य या कम टैरिफ लगाने पर सहमति जताई है, लेकिन अभी भी बहुत सी चीजें हैं, जिनको FTA डील से बाहर रखा गया है.
भारतीय निर्यातकों के लिए इस फ्री ट्रेड डील से लॉन्ग टर्म और तत्काल लाभ मिलेंगे. समझौते के तहत यूरोपीय संघ 90% भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ समाप्त कर देगा, जिसे सात सालों के भीतर बढ़ाकर 93% किया जाएगा. लेकिन करीब 6% निर्यात पर कम टैरिफ कटौती और कोटा लागू होंगे. इसमें डेयरी, एग्रीकल्चर, छोटी कारों, एनर्जी-रॉ मैटेरियल्स, रेयर अर्थ मिनरल्स और स्टील शामिल हैं.
इन संवेदनशील चीजों को पूरी तरह से शामिल नहीं किया गया है, बल्कि इन्हें सुरक्षित रखा गया है ताकि घरेलू उद्योगों पर असर न पड़े. मुख्य तौर पर ये चीजें डील में नहीं रखी गई हैं या विशेष प्रावधान या शर्तों के साथ रखी गई हैं.
भारत के इन चीजों पर टैरिफ शून्य
सी फूड्स, केमिकल्स, प्लास्टिक और रबर, चमड़ा और जूते, कपड़े, धातुएं, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे प्रमुख चीजों पर टैरिफ घटकर शून्य हो जाएगा, जिससे यूरोप में भारतीय वस्तुओं की स्थिति मजबूत होगी. भारतीय वस्तुओं पर यूरोपीय संघ की औसत टैरिफ दर 3.8% से घटकर 0.1% हो जाएगी.
कारों के लिए कम छूट
ऑटोमोबाइल के मामले में 15,000 यूरो (17,800 डॉलर) से कम कीमत वाली यूरोपीय संघ की कारों को छूट दी गई है, जबकि अधिक कीमत वाले मॉडलों को कोटा और अलग-अलग टैरिफ के साथ तीन कैटेगरी में बांटा गया है.
एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए क्या ऐलान
कृषि क्षेत्र में भारत ने डेयरी, अनाज, मुर्गी पालन, सोयामील और कुछ फलों और सब्जियों जैसी संवेदनशील वस्तुओं पर टैरिफ छूट नहीं दी गई है. वहीं, चाय, कॉफी, मसाले, ताजे फल, सब्जियां और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स से निर्यात को यूरोपीय संघ में बेहतर पहुंच मिलेगी.
शराब, स्पिरिट, बीयर, जैतून का तेल और प्रोसेस्ड फूड के टैरिफ में बड़ी कटौती की गई है . यूरोप से आने वाले इन चीजों पर टैरिफ 150% से घटकर 20% तक कम हो जाएगा. यूरोपीय संघ के खाद्य सुरक्षा नियम अपरिवर्तित रहेंगे.
ऊर्जा और कच्चा माल, रेयर अर्थ और स्टील
एनर्जी और रॉ-मैटेरियल्स को यूरोपीय यूनियन पहले FTA में शामिल करना चाहता था, लेकिन भारत के आग्रह पर इस विषय को FTA वार्ता से अलग रखा गया ताकि संवेदनशील आपूर्ति चिंताओं से बचा जा सके. इसके अलावा, रेयर अर्थ मिनरल्स को भी एफटीए बातचीत की टेबल से दूर रखा गया है. स्टील पर भी टैरिफ चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, न कि इसे शून्य किया जाएगा. इसे एफटीए के तहत ड्यूटी फ्री डील से दूर रखा गया है.
गौरतलब है कि भारत दस सालों में द्विपक्षीय व्यापार मूल्य के 93% पर यूरोपीय संघ के सामानों पर टैरिफ घटाकर शून्य कर देगा. यूरोपीय संघ अपनी 96.8% टैरिफ लाइनें खोलेगा, जबकि भारत 92.1% खोलेगा, जिससे यह भारत द्वारा किसी प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्था के साथ हस्ताक्षरित सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है.