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IBM Stock Crash: CEO ने ऐसा क्या लिखा, लेटर वायरल होते ही 25% गिरा IBM का शेयर, हड़कंप

IBM Stock Crash: आईबीएम के भारतीय मूल के सीईओ अरविंद कृष्णा ने निवेशकों को एक लेटर में कुछ ऐसी बात कही कि मंगलवार को एक ही दिन में IBM Share 25 फीसदी से ज्यादा क्रैश हो गया.

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1987 के बाद आईबीएम शेयर में आई सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट. (Photo: Reuters)
1987 के बाद आईबीएम शेयर में आई सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट. (Photo: Reuters)

आईटी कंपनी आईबीएम में सब कुछ ठीक नहीं है. बीते कारोबारी दिन अमेरिकी बाजार में कारोबार के दौरान इस कंपनी का शेयर क्रैश हो गया. एक ही दिन में IBM Stock में 25% से ज्यादा की गिरावट आई. ये बीते चार दशक में सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट थी और निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. दूसरी तिमाही में कमाई को लेकर जताए गए कंपनी के अनुमानों के दौरान ये भारी गिरावट देखने को मिली.

एक झटके में ₹6.6 लाख करोड़ स्वाहा
आईबीएम शेयर में बीते कुछ समय से गिरावट देखने को मिल रही थी, लेकिन मंगलवार को कुछ ऐसा हुआ कि 40 साल पहले की याद ताजा हो गई. दरअसल, अमेरिकी शेयर मार्केट में कारोबार शुरू होने के बाद IBM Stock के टूटने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो अंत तक जारी रहा और ये 25.21 फीसदी की गिरावट लेकर 217.07 डॉलर पर क्लोज हुआ. 
 
आईटी स्टॉक में आई इस बड़ी गिरावट के चलते निवेशकों की 69 अरब डॉलर (करीब 6,64,601 करोड़ रुपये) की संपत्ति साफ हो गई. कंपनी का मार्केट कैप तेजी से फिसलते हुए 272.78 अरब डॉलर से 203.78 अरब डॉलर रह गया. ये IBM Stock Crash करीब चार दशक पहले 1987 के ब्लैक मंडे मार्केट क्राइसिस के दौरान देखी गई गिरावट से भी बड़ी थी. उस समय एक दिन में आईबीएम शेयर 23 फीसदी फिसला था.  

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IBM Stock में आई इस गिरावट का असर अन्य सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों पर भी दिखा. माइक्रोसॉफ्ट, सर्विसनाउ, सेल्सफोर्स और इंटुइट के शेयरों में भी 2% से 5% की गिरावट आई.

CEO का एक लेटर, फिर भारी क्रैश
आईबीएम शेयर में अचानक आए इस क्रैश के पीछे कारणों की बात करें, तो ये ऐतिहासिक गिरावट मंगलवार को कंपनी के भारतीय मूल के सीईओ अरविंद कृष्णा द्वारा निवेशकों को लिखे एक पत्र के बाद आई. इसमें उन्होंने कंपनी के निराशाजनक दूसरी तिमाही के प्रदर्शन पर बात की और कहा कि जो हुआ वह हमारी अपेक्षाओं से बदतर था. हम समय के साथ तालमेल बिठा पाने में विफल रहे. 

CEO Arvind Krishna ने कहा कि एआई डेटा सेंटर्स की डिमांड बढ़ने से सर्वर, स्टोरेज और मेमोरी पहुंच कठिन हो गया, जिसके चलते ग्राहकों ने अपने प्रौद्योगिकी बजट में बदलाव किया. IBM को इसकी आशंका थी, लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि ग्राहक अपने खर्च का इतना बड़ा हिस्सा सॉफ्टवेयर से हटाकर एआई हार्डवेयर की ओर ले जाएंगे. उन्होंने एंथ्रोपिक के मिथोस रिलीज का हवाला देते हुए कहा कि इसने कई बड़े सौदों को रोक दिया.

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

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