अमेरिका-ईरान के शांति समझौते पर साइन हो चुका है और इसके साथ ही मिडिल ईस्ट टेंशन का भी 'The End' हो गया. दुनिया की तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए अहम माना जाने वाला होर्मुज स्ट्रेट फिर से ओपन हो गया है, जो कुल खपत के करीब 20% के लिए जिम्मेदार है. यानी तेल-गैस की सप्लाई चेन में रुकावट धीमे-धीमे खत्म हो जाएगी.
इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तगड़ा क्रैश देखने को मिला है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीते मई महीने में की गई भविष्यवाणी सच होती नजर आ रही है. जी हां, उन्होंने शांति वार्ता के ऐलान से पहले ही तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आने का बयान दिया था और अब उनके US-Iran Peace Deal ऐलान के बाद से ही तेल सस्ता हो रहा है.
Trump ने दिए थे क्रूड क्रैश के संकेत
मिडिल ईस्ट में जंग के चलते कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100-110 डॉलर प्रति बैरल या इससे ऊपर कारोबार करते हुए दुनिया को डरा रही थीं. ब्रिटेन से लेकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत तक में इसका बुरा असर पेट्रोल-डीजल, LPG Price Hike के रूप में देखने को मिला था.
लेकिन, डोनाल्ड ट्रंप के मई में आए एक बयान ने क्रूड ऑयल प्राइस में बड़ी गिरावट की उम्मीद बढ़ा दी थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा था कि ईरान बेताब, सस्ता होगा तेलडोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कच्चे तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी और ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द समाप्त हो जाएगा.
Donald Trump की पोस्ट पर नजर डालें, तो उन्होंने दावा किया था कि, 'ईरान हमसे समझौता करने के लिए बेताब है और वहां पर तेल का बड़ा भंडार है, ऐसा होने पर Crude Oil की ग्लोबल कीमतों में जल्द ही भारी गिरावट आएगी. वहां इतना तेल है कि इसकी कीमतें धड़ाधड़ गिरेंगी, आप तेल की कीमतों में जल्द बड़ी गिरावट देखेंगे.' उस समय Crude Oil Price 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रहा था.
ब्रोकरेज ने जताया था ये अनुमान
ट्रंप की इस पोस्ट के बाद ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल ने भी कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बड़ा अनुमान जाहिर किया था. Emkay Global ने कहा था कि 2027 की पहली छमाही के बाद कीमतों में गिरावट स्थायी आनी चाहिए और वित्त वर्ष के अंत तक तेल की कीमतें गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं.
इधर ट्रंप का ऐलान, उधर तेल धड़ाम
मई में ट्रंप की भविष्यवाणी, बीते दिनों सच होने लगी, जब उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने के साथ ही होर्मुज पर दो महीने से जारी अमेरिकी नाकाबंदी हटाने और Hormuz Strait फिर से ओपन होने का ऐलान किया. इसके तुरंत बाद बीते सोमवार को कच्चा तेल एक दी दिन में 5% फिसल गया और 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा.
मिडिल ईस्ट युद्ध खत्म होने के ऐलान के बाद अचानक आई ये गिरावट अब तक जारी है. खबर लिखे जाने तक इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल का प्राइस (Brent Crude Oil Price) 2 फीसदी से ज्यादा फिसलकर 77 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया था. वहीं WTI Crude Oil Price 74 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा था. यही नहीं मर्बन क्रूड की बात करें, तो ये करीब 3 फीसदी फिसलकर 72 डॉलर के करीब आ गया था.