बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्कर नए-नए जुगाड़ निकाल रहे हैं. इस बार वैशाली में जो तरीका सामने आया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. ऊपर जलजीरा की बोतलें लादकर ट्रक को पूरी तरह वैध माल की तरह तैयार किया गया था, लेकिन असली खेल नीचे चल रहा था. जलजीरा की परत हटते ही विदेशी शराब की हजारों बोतलें निकल आईं.
वैशाली पुलिस ने ऑपरेशन नीलकंठ के तहत मुखबिर से सूचना मिलने के बाद सदर थाना क्षेत्र में ट्रक को रोका. तलाशी शुरू हुई तो पहले जलजीरा की बोतलें मिलीं. लेकिन पुलिस को शक था, इसलिए पूरी खेप उतरवाई गई.
इसके बाद जो सामने आया, उसने अफसरों को हैरान कर दिया. ट्रक से 6,132 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है.

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हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही ट्रक का चालक और खलासी फरार हो गए. लेकिन जांच यहीं नहीं रुकी. पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने इस खेप के पीछे जिले के दो बड़े शराब माफियाओं विपिन सिंह और पंकज ठाकुर का नाम चिह्नित किया है. पुलिस का दावा है कि इसी नेटवर्क ने शराब की इस बड़ी खेप को मंगाया था.

वैशाली के एसपी शुभांक मिश्रा का कहना है कि ट्रक चालक, खलासी और दोनों नामजद माफियाओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां से लाई गई थी और बिहार में इसे किन इलाकों तक पहुंचाने की तैयारी थी.
दोनों शराब माफिया सहित ट्रक ड्राइवर और खलासी पर केस दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है. माफियाओं की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद तस्कर कभी दूध के टैंकर, कभी फलों की पेटियों और अब जलजीरा की बोतलों का सहारा लेकर शराब की सप्लाई करने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन नीलकंठ के तहत आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि शराब माफियाओं के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके.