बिहार में मुजफ्फरपुर के एक हॉस्पिटल में तड़के सुबह साढ़े चार बजे अफरा-तफरी मची और दम घुटने से मरीजों की जान चली गई. मैं सोया हुआ था. अचानक चार बजकर तीस मिनट पर मोबाइल की घंटी बजी, स्थानीय युवक मिथुन मिश्रा का फोन था. उन्होंने बताया कि प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में आग लग गई है और कई मरीजों की मौत हो गई है. इसके बाद नींद खुल गई और चार बजकर चालीस मिनट पर मै प्रसाद हॉस्पिटल के सामने था. आजतक की टीम महज 5 से 7 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई.
हॉस्पिटल के बाहर आधा दर्जन दमकल गड़िया लगी हुई थीं और मरीजों के परिजनों की चीख पुकार मची हुई थी. गली में स्ट्रेचर पर दो मरीजों का शव था,जिसे रेस्क्यू कर अग्निशमन की टीम ने बाहर निकाला था.
हॉस्पिटल के अंदर आईसीयू के नीचे दो मरीज का शव फर्श पर पड़ा हुआ था, जिनके मुंह पर भी ऑक्सीजन मशीन लगी हुई थी लेकिन शरीर पूरा झुलसा हुआ था. शवों के साथ परिजन रो रहे थे.
इसके बाद मैं अस्पताल के और अंदर गया, जहां अग्निशमन पदाधिकारी के साथ पूरी टीम रेस्क्यू कर रही थी. इसके तुरंत बाद मैंने जिलाधिकारी सुब्रतसेन से फोन पर बात की और इस अग्निकांड की जानकारी दी. डीएम ने बताया कि अग्निशमन की टीम रेस्क्यू कर रही है, मौके पर हम लोग पहुंच रहे हैं.
इसके बाद, जिलाधिकारी रेस्क्यू टीम का खुद नेतृत्व करते हुए नजर आए और तमाम मातहत अधिकारियों को बुलाया. सिविल सर्जन के नेतृत्व में टीम बनाकर सबसे पहले आसपास के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जानकारी लेने और उनका विधिवत इलाज कराने का निर्देश दिया.
अस्पताल के बाहर मरीजों के परिजनों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी. आईसीयू में भर्ती बृजनंद राय के परिजन अपने मरीज की तलाश में भटक रहे थे. परिजन संजीव राय ने आरोप लगाया कि उनके पिता का पता नहीं चल रहा है. हालांकि, बाद में उनका शव एसकेएमसीएच में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया मिला.
इस बीच अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पांडेय अपनी टीम के साथ सबसे पहले मौके पर पहुंचे और आईसीयू में लगी आग पर काबू पाया. दमकल कर्मियों ने कई मरीजों को बाहर निकालकर अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया.
प्रशासन के मुताबिक, आईसीयू में भर्ती अन्य मरीजों को सुरक्षित निकालकर सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर पटना AIIMS और IGIMS रेफर करने की तैयारी भी की गई है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर सभी मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही, सभी घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं. आग लगने के पीछे की वजहों की विस्तृत जांच की जा रही है.