बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज में रंग-रूप को लेकर बनी धारणाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. गायघाट थाना क्षेत्र के मकरंदपुर गांव में 22 साल की अंशु कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि शादी के लिए लगातार रिश्ते टूटने से वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थी. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है.
10 से अधिक बार रिजेक्शन
मृतका की पहचान पीतांबर कुमार की पुत्री अंशु कुमारी के रूप में हुई है. परिवार के अनुसार, पिछले करीब तीन साल से उसकी शादी के लिए प्रयास किए जा रहे थे. इस दौरान 10 से अधिक परिवार उसे देखने आए, लेकिन किसी भी जगह रिश्ता तय नहीं हो सका. परिजनों का दावा है कि अंशु को लगता था कि उसके सांवले रंग की वजह से रिश्ते आगे नहीं बढ़ रहे हैं. धीरे-धीरे यह बात उसके मन पर गहरा असर डालने लगी और वह खुद को लेकर हीन भावना महसूस करने लगी थी.
फिर देखने आने वाले थे लड़के वाले
परिवार ने बताया कि बुधवार को भी एक परिवार अंशु को देखने आने वाला था. मंगलवार रात वह बिना खाना खाए अपने कमरे में चली गई. अगले दिन सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को चिंता हुई. परिजनों ने खिड़की से देखा तो उसका शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला. इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया.
पोस्टमॉर्टम के लिए भेजी गई लाश
घटना की सूचना मिलने पर गायघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची. मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) भेज दिया गया.
गायघाट थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की ओर से दिए जाने वाले आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है और घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है.