बिहार के भोजपुर जिले में एक वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. विभागीय जांच में पाया गया कि आरोपी के हथियार दिखाने के बावजूद पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा सके थे.
निलंबित पुलिसकर्मियों में शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार, एक सब इंस्पेक्टर, एक सहायक सब इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज की सिफारिश पर की गई है.
पुलिस के मुताबिक 16 जून को हुई एक घटना के दौरान भारत भूषण तिवारी नामक व्यक्ति हथियार के साथ दिखाई दिया था. वायरल वीडियो में वह कथित रूप से पुलिसकर्मियों की ओर पिस्टल ताने नजर आ रहा था. विभागीय समीक्षा में पाया गया कि मौके पर मौजूद पुलिस टीम आवश्यक सतर्कता और त्वरित कार्रवाई नहीं दिखा सकी.
विभागीय जांच में मिली लापरवाही की बात
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वीडियो की समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी खुलेआम हथियार लहरा रहा था, लेकिन पुलिसकर्मी उसे नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा पाए. इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
पुलिस का कहना है कि 16 जून को आरोपी को पकड़ने का पहला प्रयास असफल रहा था, जबकि पुलिस को उसके संबंध में विशेष सूचना प्राप्त हुई थी. इसके बाद अगले दिन पुलिस टीम दोबारा गांव पहुंची.
पुलिस के अनुसार 17 जून को जब टीम आरोपी को पकड़ने पहुंची तो भारत भूषण तिवारी खुले मैदान में चला गया. आरोप है कि उसने पुलिस को चुनौती दी और सोशल मीडिया पर पूरे घटनाक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू कर दी. पुलिस का दावा है कि इस दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की.
अधिकारियों के मुताबिक पुलिस ने पहले उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन आरोपी नहीं माना. पुलिस का कहना है कि फायरिंग के बाद आत्मरक्षा और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जवाबी कार्रवाई की गई.
मुठभेड़ के दौरान भारत भूषण तिवारी घायल हो गया. उसे पहले आरा सदर अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया. अधिकारियों के अनुसार पटना ले जाते समय उसकी मौत हो गई.
भारत भूषण तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव का रहने वाला था. उसकी मौत के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन भी हुए. घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठे, जिसके बाद पुलिस ने अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखा.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है. साथ ही वायरल वीडियो में दिखाई गई परिस्थितियों और पुलिस की भूमिका की भी समीक्षा की गई. इसी प्रक्रिया के तहत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है.
पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़ दोनों की जांच जारी
विभागीय कार्रवाई के बाद यह मामला अब दो स्तरों पर जांच का विषय बन गया है. एक ओर पुलिस मुठभेड़ की परिस्थितियों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिसकर्मियों की कार्यशैली और मौके पर उनकी प्रतिक्रिया को भी परखा जा रहा है.
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. मामले की जांच जारी है और संबंधित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.