ऑफिस की मीटिंग्स अब सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं रहीं. सड़क पर गाड़ी चलाते हुए भी बॉस की आवाज कानों में गूंज सकती है और आपकी मौजूदगी मीटिंग में दर्ज हो सकती है. टेक कंपनियां अब आपकी कार को भी कामकाज का हिस्सा बना रही हैं. पहले AI चैटबॉट डैशबोर्ड पर आया और अब मीटिंग ऐप भी वहीं पहुंच गया है. मतलब साफ है, काम से बचने के बहाने अब और कम होने वाले हैं.
कुछ दिन पहले OpenAI ने अपने चैटबॉट ChatGPT को एप्पल कार प्ले पर लाने का ऐलान किया था. अब गूगल ने भी बड़ा कदम उठाते हुए अपनी वीडियो कॉलिंग सर्विस Google Meet को कार प्ले पर उपलब्ध करा दिया है. गूगल के इस नए अपडेट के बाद यूजर्स अब अपनी कार के डैशबोर्ड से ही सीधे गूगल मीट का इस्तेमाल कर सकेंगे. कंपनी के मुताबिक, ऐप का नया वर्जन iPhone से कार तक एक स्मूद कनेक्शन देता है. यानी मोबाइल से कार में स्विच करना अब बेहद आसान हो गया है.
दिलचस्प बात ये है कि, गूगल ने अपने खुद के एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म से पहले ये सर्विस iOS यूजर्स के लिए कार प्ले पर शुरू किया है. अब अगर आप कहीं जा रहे हैं या लगातार मीटिंग्स के बीच ट्रैवल कर रहे हैं, तो Google Meet आपकी मदद करेगा. यूजर्स सिर्फ एक टैप में मीटिंग जॉइन कर सकते हैं. इसके अलावा, आने वाली मीटिंग्स की लिस्ट भी स्क्रीन पर दिखेगी, जिससे आप अपना शेड्यूल आसानी से देख पाएंगे. खास बात यह है कि कार में केवल ऑडियो मोड में मीटिंग होगी, ताकि ड्राइविंग के दौरान ध्यान न भटके.
ड्राइविंग के दौरान सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए Google ने कुछ फीचर्स को कार प्ले पर नहीं दिया है. ख़ास बात ये है कि, इसमें केवल ऑडियो की ही सुविधा दी गई है. इसके अलावा इसमें हैंड रेज, क्वेश्चन एंड आंसर, और पोल्स जैसे ऑप्शन यूजर्स को नहीं मिलेंगे. इतना ही नहीं, इस सर्विस में नई मीटिंग क्रिएट करने का ऑप्शन नहीं मिलेगा. इसके अलावा अगर आप होस्ट हैं, तो लोगों को मीटिंग में एंट्री देने या उन्हें ज्वाइन करने से रोकने का विकल्प भी स्क्रीन पर नहीं दिखेगा. खबर यह भी है कि गूगल जल्द ही इस सर्विस को एंड्रॉयड ऑटो पर भी लाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, कंपनी ने इसकी टाइमलाइन अभी साफ नहीं की है.
Google Meet का यह नया फीचर उन सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा जिनके पास ऐप इंस्टॉल है. इसके लिए आपको बस अपने iPhone को कार प्ले को सपोर्ट करने वाली कार से कनेक्ट करना होगा. हालांकि, अभी इस फीचर का लाभ उठाने के लिए सभी यूजर्स को कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है. ये सर्विस धीमें-धीमें सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराई जा रही है.
कुल मिलाकर, अब आपकी कार सिर्फ सफर का जरिया नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता ऑफिस भी बनती जा रही है. टेक्नोलॉजी का यह कदम प्रोफेशनल लाइफ को और आसान बनाने वाला है. हालांकि, कुछ लोगों ने इस पर आपत्ती भी जताई है कि, इससे ड्राइविंग और भी अनसेफ हो सकती है. इससे सड़क पर रिस्क बढ़ने की संभावना भी है.