
Ferrari Luce Auctioned: जिस कार के डिजाइन ने लॉन्च होते ही दुनिया भर में बहस छेड़ दी थी, अब उसी कार ने अपनी कीमत से नया तहलका मचा दिया है. Ferrari की पहली प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक कार Luce की पहली यूनिट को आखिरकार खरीदार मिल गया. इस धांसू इलेक्ट्रिक कार को नीलामी में करीब 382 करोड़ रुपये में बेचा गया है. इस कार को कंपनी की प्रोडक्शन लाइन से निकलने वाली पहली कार होने की वजह से ‘Chassis 0’ नाम दिया गया है.
दिलचस्प बात यह है कि नीलामी में इस कार की अनुमानित कीमत सिर्फ 1.1 मिलियन डॉलर यानी करीब 10.5 करोड़ रुपये रखी गई थी, लेकिन अंतिम बोली 40 मिलियन डॉलर यानी करीब 382.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. तो आइये देखें क्यों ख़ास है ये इलेक्ट्रिक कार और कौन इसका पहला मालिक?
किसने खरीदी 382 करोड़ की Ferrari
इस बेहद खास Ferrari Luce को अमेरिकी अरबपति ऑप्टोमेट्रिस्ट, इन्वेंटर और कारोबारी डॉ. हर्बर्ट “हर्बी” वर्टहाइम ने खरीदा है. हर्बर्ट को फेरारी कारों का खूब शौक है. ठीक एक साल पहले इसी कार्यक्रम में उन्होंने एक कस्टम Ferrari Daytona SP3 को 26 मिलियन डॉलर की बोली लगाकर खरीदा था. यानी एक साल के भीतर उन्होंने एक और बेहद यूनिक Ferrari अपने गैराज के लिए चुनी है.
हालांकि इस बार उन्होंने जिस कार के लिए बोली लगाई, वह सिर्फ एक महंगी Ferrari नहीं, बल्कि कंपनी के इलेक्ट्रिक दौर की शुरुआत का हिस्सा भी है. उन्हें इस कार की डिलीवरी 2027 की शुरुआत में मिलेगी. डॉ. हर्बर्ट ब्रेन पावर इन्कॉर्पोरेटेड (BPI) के फाउंडर और CEO हैं. यह कंपनी आंखों से जुड़े ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट्स, लेंस के लिए खास टिंट और दूसरे ऑप्थैल्मिक प्रोडक्ट बनाती है.
वर्टहाइम ने आंखों की सेफ्टी के लिए कई अहम इन्वेंशन और रिसर्च किए हैं. UV लाइट से आंखों को होने वाले नुकसान को लेकर उनकी रिसर्च और चश्मों में UV-ऑब्जर्विंग टेक्नोलॉजी से जुड़े इन्वेंशन को काफी अहम माना जाता है. कारोबार के अलावा वह लंबे समय से शिक्षा, मेडिकल रिसर्च और आर्ट के लिए मोटी रकम दान करते रहे हैं.

‘Chassis 0’ क्यों है इतनी खास
नीलामी में पेश की गई इस कार को Ferrari के खास टेलर मेड प्रोग्राम के जरिए तैयार किया गया है. इसका मतलब है कि कार को रेगुलर प्रोडक्शन मॉडल की तरह नहीं, बल्कि बेहद खास और यूनिक स्टाइल के हिसाब से तैयार किया गया है. इस कार को खास मैड्रेपर्ले सेमी-ग्लॉस व्हाइट फिनिश दी गई है. यह पेंट पूरी तरह चमकदार यानी ग्लॉसी भी नहीं है और पूरी तरह मैट भी नहीं है.
इस कार के पेंट में एक खास पिगमेंट का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से रोशनी पड़ने के एंगल और इंटेंसिटी के हिसाब से कार की सतह पर हरे से लेकर बैंगनी रंग तक की हल्की चमक दिखाई देती है. यही वजह है कि, कंपनी ने इस कार का नाम 'Luce' (इटालियन भाषा में ‘रोशनी’) रखा है. कंपनी के मुताबिक, इसका मकसद कार के सरफेस और स्ट्रक्चर को अलग-अलग लाइट में बदलते हुआ एक्सपीरिएंस देना है.
केबिन भी है बिल्कुल अलग
फेरारी की इस पहली इलेक्ट्रिक कार का केबिन भी बेहद शानदार है. कंपनी ने इसमें रेगुलर Luce मॉडल से अलग कई अन्य फीचर्स को शामिल किया है इसमें Perla कलर का Le Mans मेटैलिक लेदर इस्तेमाल किया गया है. यह एक खास मटेरियल है, जिसे फेरारी केवल अपने टेलर मेड प्रोग्राम की कारों में इस्तेमाल करती है. इस लेदर को सिर्फ शानदार लुक के लिए नहीं चुना गया है. बल्कि रोशनी को रिफ्लेक्ट करना भी इसकी खासियत है.
Ferrari का कहना है कि केबिन में रोशनी को फैलाने में मदद करने वाला यह मटेरियल अंदर बैठे लोगों को ज्यादा एयरी और बड़े स्पेस का फील देता है. केबिन में Grigio Corvara फिनिश के एक्सेंट भी दिए गए हैं. इसके अलावा कार में सफेद रंग के पहिए और ब्रेक कैलिपर्स लगाए गए हैं. कार पर एक खास कमैमोरेटिव प्लाग (एक तरह की ख़ास पट्टी) भी दिया गया है, जो इसे बाकी Luce मॉडल से अलग बनाता है.

382 करोड़ रुपये आखिर जाएंगे कहां
इस नीलामी से मिली पूरी रकम Ferrari Foundation को दी जाएगी. यह एक रजिस्टर्ड चैरिटी संस्था है, जो भविष्य में शिक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर पैसा खर्च करेगी. इस लिहाज से 382 करोड़ रुपये की यह नीलामी सिर्फ एक महंगी कार की बिक्री नहीं है. इससे मिलने वाला पैसा शिक्षा से जुड़े कामों में लगाया जाएगा.
Ferrari Luce को कंपनी ने इस साल मई में पेश किया था. यह Ferrari की पहली प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक कार है और लॉन्च से पहले ही इसे लेकर काफी चर्चा थी. इसकी सबसे बड़ी वजह सिर्फ इलेक्ट्रिक पावरट्रेन नहीं थी, बल्कि इसका डिजाइन भी था. Luce का डिजाइन मशहूर डिजाइनर Jony Ive और Marc Newson ने फेरारी की अपनी डिजाइन टीम के साथ मिलकर तैयार किया है. लेकिन लॉन्च के वक्त इसके मिनिमलिस्ट और रेगुलर डिज़ाइन को लेकर लोगों ने इसकी आलोचना भी की थी.
तकरीबन 550,000 यूरो की कीमत वाली इस कार की भारतीय रुपये में कीमत लगभग 6.1 करोड़ रुपये बैठती है. इसकी कीमत और डिजाइन दोनों ने Ferrari के प्रशंसकों और ऑटो इंडस्ट्री में बहस छेड़ दी थी. दिलचस्प बात यह है कि डिजाइन को लेकर आलोचना के बावजूद Luce की डिमांड कम नहीं हुई. फेरारी ने जुलाई में बताया था कि कंपनी ने इस कार के पूरे 500 यूनिट की बिक्री कर ली है.
हालांकि, इस कार की बुकिंग को लेकर एक और दिलचस्प बात सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ खरीदारों ने Luce को सिर्फ इसलिए बुक किया है ताकि Ferrari के साथ उनकी कस्टमर प्रोफाइल मजबूत हो सके. ऐसा करने से उन्हें भविष्य में कंपनी की दूसरी खास कारों या लिमिटेड एडिशन मॉडल खरीदने का मौका मिलेगा.
यानी जिस Ferrari Luce के डिजाइन ने शुरुआत में लोगों को दो हिस्सों में बांट दिया था, वही कार अब 40 मिलियन डॉलर यानी करीब 382.4 करोड़ रुपये के ऑक्शन प्राइस के साथ फेरारी के इतिहास में एक बेहद खास अध्याय लिख चुकी है. ‘Chassis 0’ की असली कीमत सिर्फ उसकी इलेक्ट्रिक तकनीक या डिजाइन में नहीं, बल्कि इस बात में है कि यह Ferrari के इलेक्ट्रिक युग की शुरुआत का पहला पन्ना है.