इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर जिस क्रांति की उम्मीद कारों से की जा रही थी, कहीं ना कहीं वो इलेक्ट्रिक स्कूटर के सेगमेंट में दिख रही है. पिछले कुछ सालों में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की सेल तेजी से बढ़ी है. 2026 में स्कूटर खरीदना अब सिर्फ पेट्रोल या इलेक्ट्रिक का सवाल नहीं रहा.
बल्कि ये फैसला आपके यूज, बजट और शहर की लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है. एक तरफ इलेक्ट्रिक स्कूटर लो-रनिंग कॉस्ट का वादा करते हैं. वहीं पेट्रोल स्कूटर लंबी दूरी का साथी नजर आता है. ऐसे में सवाल उठता है कि एक इलेक्ट्रिक या फिर पेट्रोल आपके लिए कौन सा स्कूटर खरीदना समझदारी भरा फैसला हो सकता है.
दोनों में से कौन-सा स्कूटर बेहतर है इसे जानने के लिए कुछ पॉइंट्स को समझना जरूरी होगा. इस आर्टिकल में उन पॉइंट्स को ही समझेंगे. हम बात करेंगे कि इन स्कूटर्स की प्राइस, रनिंग कॉस्ट और मेंटेनेंस की, जिसके बाद ही हमारे सामने एक बेहतर तस्वीर होगी.
इलेक्ट्रिक स्कूटर की औसत शुरुआती कीमतें लगभग 90 हजार रुपये से 1 लाख रुपये होती है. कुछ मामलों में ये 1.5 लाख (बड़ी बैटरी पैक के साथ) तक चली जाती है. हालांकि, कई राज्यों में मिलने वाली सब्सिडी से इसे खरीदना आसान हो जाता है.
वहीं बैटरी एज सब्सक्रिप्शन सर्विस की वजह से इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओनरशिप पेट्रोल के मुकाबले लगभग आधी हो गई है. स्कूटर्स 50 हजार रुपये की अपफ्रंट कीमत पर मिल जाते हैं.
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दूसरी तरफ पेट्रोल स्कूटर की बात करें, तो आपको 80 हजार रुपये की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत पर ये मिलेंगे. यानी अब इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर की शुरुआती कीमत लगभग एक बराबर हो चुकी है. एक वक्त पर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना महंगा था, लेकिन 2026 में इनकी कीमत पेट्रोल स्कूटरों के करीब आ गई हैं.
उदाहरण के लिए होंडा एक्टिवा के बेस वेरिएंट की दिल्ली में एक्स शोरूम कीमत 75,433 रुपये है. वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर के पॉपुलर प्रोडक्ट टीवीएस आईक्यूब की बात करें, तो उसकी कीमत 94,434 रुपये एक्स शोरूम से शुरू होती है. BaaS के साथ इसकी कीमत 60 हजार रुपये से भी कम हो जाती है.
| कंपनी | सेल यूनिट्स |
| टीवीएस | 31,614 |
| बजाज | 25,328 |
| एथर | 20,584 |
| हीरो विडा | 12,514 |
| एम्पीयर | 4,724 |
यहां इलेक्ट्रिक स्कूटर्स का पक्ष भारी है. इलेक्ट्रिक स्कूटर की रनिंग कॉस्ट 20 पैसे से 40 पैसे प्रति किलोमीटर आती है. वहीं पेट्रोल स्कूटर की रनिंग कॉस्ट 2 रुपये से 2.5 रुपये प्रति किलोमीटर है. अगर आप महीने में 1000 किलोमीटर स्कूटर चलाते हैं, तो इलेक्ट्रिक पर आपका खर्च 200 से 300 रुपये आएगा. वहीं पेट्रोल पर ये खर्च 2000 रुपये से ज्यादा तक जा सकता है.
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इलेक्ट्रिक स्कूटर में इंजन ऑयल नहीं पड़ता है. साथ ही कम पार्ट्स को रिप्लेस करना होता है, जिसकी वजह से इसका मेंटेनेंस सस्ता है. वहीं पेट्रोल में ऑयल, फिल्टर समेत रेगुलर सर्विस में कई खर्चे आते हैं. इसकी वजह से पेट्रोल स्कूटर का मेंटेनेंस ज्यादा होता है.
ई-स्कूटर्स को आप घर पर चार्ज कर सकते हैं. कई स्कूटर हैं, जिनकी बैटरी रिमूवेबल होती है. इन्हें आप निकालकर फ्लैट में चार्ज कर सकते हैं. वहीं पेट्रोल स्कूटर के साथ ये चुनौती नहीं होती है. जरूरत के मुताबिक आप कहीं भी पेट्रोल रिफ्यूल करा सकते हैं. लंबी दूरी के लिए अभी भी पेट्रोल स्कूटर ज्यादा बेहतर हैं.
पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटर किसी को भी रखने का असली खर्च लंबे समय में समझ में आता है. पेट्रोल स्कूटर के मुकाबले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की लॉन्ग टर्म ओनिंग कॉस्ट कम होती है. इलेक्ट्रिक स्कूटर के फायदों की बात करें, तो इसकी रनिंग कॉस्ट बहुत कम है. साथ ही मेंटेनेंस कम है. चलने में ये स्मूद और साइलेंट हैं. इनसे प्रदूषण नहीं फैलता और ये शहरों के लिए परफेक्ट हैं.
इसकी शुरुआती कीमत पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा होती है. चार्जिंग अभी भी इनके लिए एक चुनौती है और लंबी दूरी के लिए इन्हें लेकर नहीं जाया जा सकता है. बैटरी रिप्लेसमेंट की कॉस्ट काफी ज्यादा होती है. साथ ही इलेक्ट्रिक स्कूटर की रिसेल वैल्यू कम होती है. अभी इस पर काम होना बाकि है. संभव है कि आने वाले दिनों में ये दिक्कत दूर हो सकती है.
इन स्कूटर्स को आप जहां जरूरत हो वहीं पर रिफ्यूल करा सकते हैं. इन्हें लंबी रेंज के लिए यूज किया जा सकता है और इनकी टेक्नोलॉजी भी भरोसेमंद होती है. पेट्रोल स्कूटर की रिसेल वैल्यू भी अच्छी होती है. कम से कम इलेक्ट्रिक स्कूटर के मुकाबले तो पेट्रोल स्कूटर की रिसेल वैल्यू बेहतर है. इनका फ्यूल महंगा है, तो रनिंग कॉस्ट ज्यादा होती है. मेंटेनेंस के लिए भी आपको ज्यादा खर्च करना पड़ेगा.