मिडिल ईस्ट में कुछ सप्ताह पहले अस्थायी शांति दिख रही थी. अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद लग रहा था कि ईरान और इजरायल के बीच अब कोई सीधा टकराव नहीं होगा. लेकिन बीते कुछ दिनों में ही तस्वीर बदलती नजर आ रही है.बीते दिनों दोनों देशों ने एक बार फिर से एक दूसरे के ठिकानों पर हमला किया था.
इजरायल ने लेबनान पर अटैक किया था तो ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागी थी. इस तनाव के बाद अब सवाल है कि क्या ईरान और इजरायल में फिर से युद्ध होगा. दोनों देशों में इस तनाव की शुरुआत उस समय हुई जब बीते दिनों इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया था.
इस हमले के बाद ईरान ने इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं. इस हमले के बाद ईरान ने कहा था कि लेबनान में इजरायल की ओर से किए गए हमलों के जवाब में यह कदम उठाया गया था. हालांकि, इजरायली सेना ने दावा किया था है कि ईरान की अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया था.
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अमेरिका और ब्रिटेन ने सीजफायर का सम्मान करने को कहा
इजरायल और ईरान में फिर से बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका के प्रधानमंत्री डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान से बीते महीने हुए सीजफायर का सम्मान करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि दोनों देशों में किसी भी तरह का संघर्ष नहीं होना चाहिए. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी कहा है कि मीडिल ईस्ट में सभी देशों को सीजफायर का पालन करना चाहिए .इस अपील के बाद इजरायल और ईरान दोनों ने संकेत दिए कि वे फिलहाल सीधे हमले रोक रहे हैं, लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि यदि ईरान भविष्य में फिर हमला करता है तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा.
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तो क्या फिर से दोनों देशों में युद्ध होगा?
अमेरिका और ब्रिटेन ने सीजफायर की अपील भले ही की है, लेकिन इजरायल ने संकेत दे दिए हैं कि वह हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा.उसने इसको अपने देश की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है. ईरान ने भी कहा कि अगर इजरायल फिर कोई हमला करता है तो इसका जवाब दिया जाएगा. ऐसे में अगर तनाव फिर बढ़ा तो ये देश युद्ध के मुहाने पर पहुंच सकते हैं. यही वजह है कि मिडिल ईस्ट में लंबे समय तक शांति बने रहने की उम्मीद अभी भी कम है.अब अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देशों की नजर मीडिल ईस्ट में होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हैं.
युद्ध हुआ तो अमेरिका किसके साथ होगा?
अगर इजरायल और ईरान में फिर से युद्ध होता है तो ये देखना होगा कि इस बार अमेरिका किसका साथ देता है? एक्सियोस के मुताबिक,डोनाल्ड ट्रम्प ने बेंजामिन नेतन्याहू को चेतावनी दी थी कि अगर इजरायल ने ईरान के साथ युद्ध फिर से शुरू किया, तो देश को अकेले ही लड़ना होगा. उधर, नेतन्याहू ने भी साफ कहा है कि उनको अपने देश की रक्षा का पूरा अधिकार है. वह लेबनान के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखेंगे. अगर इसमें ईरान की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है तो उसको पूरा जवाब दिया जाएगा.
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