अरब सागर में अमेरिकी नेवी का हेलीकॉप्टर क्रैश, इमरजेंसी लैंडिंग के बाद एक क्रू मेंबर लापता

अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के MH-60S सीहॉक हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग करनी पड़ी. हादसे में तीन क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक अब भी लापता है. अमेरिकी नौसेना उसकी तलाश में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही है.

Advertisement
यूएस नेवी का एयरक्राफ्ट कैरियर अरब सागर में तैनात है. (Photo- X/@US5thFleet) यूएस नेवी का एयरक्राफ्ट कैरियर अरब सागर में तैनात है. (Photo- X/@US5thFleet)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:11 AM IST

अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के एक MH-60S सीहॉक हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग करनी पड़ी है. हादसे के बाद हेलीकॉप्टर में सवार चार में से तीन क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक सदस्य अब भी लापता है. अमेरिकी नौसेना ने उसकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

अमेरिकी नौसेना के सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह हेलीकॉप्टर एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश से उड़ान भर रहा था. स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1 बजे हेलीकॉप्टर को समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और तीन क्रू मेंबर को सुरक्षित निकालकर एयरक्राफ्ट कैरियर पर पहुंचाया गया. उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अमेरिका के B-2 बॉम्बर को मिली नई शिप-किलर मिसाइल, पहली बार हुआ सफल परीक्षण

नौसेना ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि हेलीकॉप्टर पर किसी तरह का हमला हुआ हो या उसे मार गिराया गया हो. अधिकारियों का कहना है कि इमरजेंसी लैंडिंग की वजह का अभी पता नहीं चल सका है और मामले की जांच शुरू की जाएगी.

अमेरिका-ईरान में युद्धविराम लेकिन तनाव भी बरकरार

यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव के बाद पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बल हाई अलर्ट पर हैं. हालांकि दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू है, लेकिन बीच-बीच में तनावपूर्ण घटनाएं सामने आने से अमेरिकी सेना सतर्क बनी हुई है.

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अरब सागर में तैनात

Advertisement

विशेषज्ञों के मुताबिक, समुद्र में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग बेहद जोखिम भरी होती है. हेलीकॉप्टर का ऊपरी हिस्सा भारी होने की वजह से पानी में उतरते ही उसके पलटने का खतरा रहता है, जिससे क्रू के बाहर निकलने और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आती हैं. हालांकि अमेरिकी नौसेना के पायलट और क्रू ऐसे हालात से निपटने के लिए नियमित प्रशिक्षण लेते हैं.

यह भी पढ़ें: ईरान के हाथ लगेगा खजाना... अमेरिका से तनाव के बीच कतर देगा छह अरब डॉलर

यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश इस समय पश्चिम एशिया में तैनात दो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक है. अप्रैल के आखिर से यह क्षेत्र में मौजूद है और इसका मकसद समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा अभियानों को समर्थन देना है. अमेरिकी नौसेना ने कहा है कि लापता क्रू मेंबर की तलाश तब तक जारी रहेगी, जब तक उसका पता नहीं चल जाता.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »