अमेरिका के B-2 बॉम्बर को मिली नई शिप-किलर मिसाइल, पहली बार हुआ सफल परीक्षण

अमेरिका ने B-2 बॉम्बर से अपनी नई LRASM मिसाइल का सफल परीक्षण किया. ताकि जरूरत पड़ने पर समुद्र में दूर मौजूद दुश्मन के जहाजों को आसानी से निशाना बनाया जा सके.

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अमेरिकी बी-2 बॉम्बर से गिरती नई लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल. (Photo: @MarioNawfal) अमेरिकी बी-2 बॉम्बर से गिरती नई लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल. (Photo: @MarioNawfal)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

अमेरिकी वायुसेना ने प्रशांत महासागर में B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर से पहली बार LRASM मिसाइल दागी. इस दौरान मिसाइल ने समुद्र में मौजूद जहाज को निशाना बनाकर डुबो दिया. अमेरिका का कहना है कि इससे यह देखा गया कि B-2 बॉम्बर से लंबी दूरी तक जहाजों पर कितनी सटीक तरीके से हमला किया जा सकता है.

अमेरिकी वायुसेना ने बताया कि यह पहली बार था जब B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर से LRASM मिसाइल का लाइव फायर टेस्ट किया गया. यह टेस्ट प्रशांत महासागर में उत्तरी मारियाना द्वीपों के उत्तर में किया गया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इससे यह देखा गया कि B-2 बॉम्बर और LRASM मिसाइल साथ मिलकर कितनी अच्छी तरह काम करते हैं.

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क्या है LRASM मिसाइल?

LRASM का पूरा नाम Long Range Anti-Ship Missile है. इसे खास तौर पर समुद्र में मौजूद बड़े जहाजों पर हमला करने के लिए बनाया गया है. यह मिसाइल लंबी दूरी से दागी जा सकती है. अपने रास्ते में खुद जहाज की पहचान करने की क्षमता रखती है. अगर जीपीएस सिग्नल कमजोर पड़ जाए या कोई इसे रोकने की कोशिश करे, तब भी यह अपने निशाने तक पहुंच सकती है. इसकी मारक दूरी 560 किलोमीटर से ज्यादा बताई जाती है. इस मिसाइल को रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने बनाया है.

B-2 बॉम्बर क्यों है खास?

B-2 स्पिरिट दुनिया के सबसे आधुनिक स्टेल्थ बॉम्बर्स में से एक है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुश्मन के रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक उड़ सकता है. यह पारंपरिक और परमाणु, दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है. अब LRASM मिसाइल के साथ इसका इस्तेमाल होने से समुद्र में दूर मौजूद जहाजों तक पहुंचकर हमला करना अमेरिका के लिए और आसान हो सकता है.

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अमेरिका के लिए क्यों अहम है यह टेस्ट?

अमेरिका की पैसिफिक एयर फोर्सेज का कहना है कि B-2 बॉम्बर और LRASM मिसाइल का यह सफल टेस्ट समुद्र में होने वाले ऑपरेशन के लिए अहम है. इससे लंबी दूरी से जहाजों तक पहुंचने और उन पर हमला करने की तैयारी को और मजबूती मिलेगी. रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिका लगातार अपने हथियारों मॉर्डन की जांच और इस्तेमाल बढ़ा रहा है.

B-2 स्टेल्थ बॉम्बर से LRASM मिसाइल का यह पहला लाइव फायर टेस्ट अमेरिकी वायुसेना के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है. इससे साफ है कि अमेरिका समुद्र में लंबी दूरी से हमला करने की अपनी ताकत को और मजबूत करने पर लगातार काम कर रहा है. 

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