रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, विवेक रामास्वामी... अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में कौन-कौन भारतवंशी किस्मत आजमा रहे?

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव में कम से कम 50 से ज्यादा भारतीय मूल के उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें ओहायो के गवर्नर पद के लिए विवेक रामास्वामी, न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल पद के लिए सरिथा कोमाटिरेड्डी और लॉस एंजिल्स के मेयर पद के लिए नित्या रमण जैसे नाम शामिल हैं. अमेरिकी संसद से लेकर राज्य और स्थानीय निकायों तक भारतीय मूल के उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

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रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, विवेक रामास्वामी. (Photo- ITG) रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, विवेक रामास्वामी. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की अच्छी खासी मौजूदगी है. इस बार कम से कम 50 से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार अलग-अलग पदों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के उम्मीदवारों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं. ये चुनाव तय करेंगे कि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर किस पार्टी का नियंत्रण होगा. इसके अलावा कई राज्यों और शहरों में भी सत्ता की तस्वीर बदलेगी.

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भारतीय मूल के उम्मीदवारों की लड़ाई सिर्फ अमेरिकी संसद तक सीमित नहीं है. वे गवर्नर, अटॉर्नी जनरल, मेयर और राज्य की विधानसभाओं के चुनाव में भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

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सबसे चर्चित मुकाबलों में ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव है. रिपब्लिकन पार्टी ने भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी को उम्मीदवार बनाया है. उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल है. उनका मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन और लिबर्टेरियन उम्मीदवार डॉन किसिक से है. रामास्वामी टैक्स में कटौती, सस्ती ऊर्जा और शिक्षा में बदलाव के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं.

मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर भी दोबारा चुनाव मैदान में हैं. वह डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के साथ चुनाव लड़ रही हैं. न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिथा कोमाटिरेड्डी का मुकाबला मौजूदा अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स से है. वहीं मैसाचुसेट्स में शिवा अय्यादुरई निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अमेरिकी सीनेट का चुनाव लड़ रहे हैं.

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कांग्रेस में इन भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों पर नजर

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में भी भारतीय मूल के कई उम्मीदवार मैदान में हैं. कैलिफोर्निया की 17वीं सीट पर डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना का मुकाबला रिपब्लिकन रितेश टंडन से है. वॉशिंगटन की 7वीं सीट पर मौजूदा सांसद प्रमिला जयपाल के सामने रिपब्लिकन उम्मीदवार निरव शेठ हैं.

इसके अलावा कैलिफोर्निया की तीसरी सीट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमी बेरा फिर चुनाव लड़ रहे हैं. वर्जीनिया की 10वीं सीट से सुहास सुब्रमण्यम दोबारा जीत हासिल करने की कोशिश में हैं. एरिजोना की पहली सीट पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमीष शाह का मुकाबला रिपब्लिकन जे फीली से है.

फ्लोरिडा की 22वीं सीट से पिया दांडिया और नॉर्थ कैरोलिना की चौथी सीट से रिपब्लिकन महेश 'मैक्स' गनोरकर मैदान में हैं. ओहायो की 13वीं सीट से संदीप दीक्षित और मिशिगन की 11वीं सीट से अनिल कुमार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं.

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मेयर और राज्य विधानसभाओं में भी भारतीय मूल के उम्मीदवार

स्थानीय चुनावों में भी भारतीय मूल के उम्मीदवारों की चर्चा है. भारत में जन्मीं लॉस एंजिल्स की सिटी काउंसिल सदस्य नित्या रमण मेयर करेन बास को चुनौती दे रही हैं. इस चुनाव में आवास, बेघर लोगों की समस्या और सार्वजनिक सुरक्षा बड़े मुद्दे हैं. यूटा में सॉल्ट लेक काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी सिम गिल और कैलिफोर्निया के ओकलैंड सिटी काउंसिल की सदस्य जननी रामचंद्रन भी चुनावी मैदान में हैं. जॉर्जिया में रोहित मल्होत्रा फुल्टन काउंटी कमीशन के लिए चुनाव लड़ रहे हैं.

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स्टेट असेंबली चुनाव में भी भारतीय मूल के उम्मीदवारों की मौजूदगी है. टेक्सास की 47वीं सीट पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पूजा सेठी का मुकाबला रिपब्लिकन जेनिफर मुशटेलर से है. 66वीं सीट पर संदीप श्रीवास्तव के सामने रिपब्लिकन सांसद मैट शाहीने हैं. इनके अलावा एरिजोना में प्रिया सुंदरशन, आयोवा में निखिल वागले, डेलावेयर में निशा लोढ़ाविया और मैरीलैंड में राहिला अहमद जैसे उम्मीदवार भी राज्य स्तर पर चुनाव लड़ रहे हैं.

इस बार के चुनाव में राजा कृष्णमूर्ति और श्री थानेदार शामिल नहीं हैं. दोनों अपनी-अपनी पार्टी के प्राइमरी चुनाव हार गए थे. ऐसे में 3 नवंबर के नतीजे बताएंगे कि अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की मौजूदगी कितनी मजबूत होती है और कौन-कौन अपनी जीत के साथ इस प्रतिनिधित्व को आगे बढ़ाता है.

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