अमेरिका में 2009 के फोर्ट हुड गोलीबारी कांड के दोषी निडाल हसन की फांसी को लेकर नई बहस छिड़ गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह हसन को फांसी देने के फैसले से पूरी तरह सहमत हैं. हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि फांसी को लाइवस्ट्रीम करने की योजना को भी उनकी मंजूरी मिली है या नहीं. उपराष्ट्रपति JD वेंस ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि पेंटागन फांसी का लाइव प्रसारण करेगा या नहीं. अगर ऐसा हुआ भी, तो वह इसे नहीं देखेंगे.
वेंस ने शुक्रवार को कहा कि निडाल हसन ने अमेरिकी जमीन पर 9/11 हमले के अलावा सबसे भयानक आतंकी हमलों में से एक को अंजाम दिया था. हसन अमेरिकी सेना में मनोचिकित्सक था. उसे उन सैनिकों का इलाज करना था, जो मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे थे.
वेंस के मुताबिक, हसन ने उन्हीं सैनिकों को निशाना बनाया, जो उसकी देखरेख में थे. उन्होंने कहा कि फांसी देने के तरीके पर विवाद के बीच लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि हसन ने कई निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या की थी. हालांकि, वेंस ने साफ किया कि अगर फांसी का लाइव प्रसारण हुआ, तो वह इसे नहीं देखेंगे.
लाइवस्ट्रीम के समर्थन में पीट हेगसेथ
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने फायरिंग स्क्वॉड के जरिए दी जाने वाली फांसी को लाइव दिखाने की योजना का समर्थन किया है. लेकिन इस प्रस्ताव को लेकर कई स्तरों पर विरोध हो रहा है.
कई रिपब्लिकन सांसदों ने भी इस कदम की आलोचना की है. अमेरिका के एक वरिष्ठ कैथोलिक धर्मगुरु ने इसे 'बर्बर' बताया, जबकि पूर्व अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि फांसी का लाइव प्रसारण आतंकवादी संगठनों के लिए एक सबक की तरह इस्तेमाल होगा.
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2009 में क्या हुआ था?
निडाल हसन को 2009 में टेक्सास के फोर्ट हुड सैन्य ठिकाने पर हुई गोलीबारी में 13 लोगों की हत्या का दोषी ठहराया गया था. इस हमले में कई अन्य लोग घायल भी हुए थे. हसन उस समय अमेरिकी सेना में मनोचिकित्सक के तौर पर तैनात था.
अब इस मामले में बहस सिर्फ दोषी को सजा देने तक सीमित नहीं है. सवाल यह भी है कि क्या किसी की फांसी को सार्वजनिक तमाशे की तरह लाइव दिखाया जाना चाहिए. ट्रंप ने सजा का समर्थन किया है, लेकिन लाइव प्रसारण पर उनका अंतिम फैसला अभी साफ नहीं है. वहीं, वेंस ने पहले ही बता दिया है कि ऐसा हुआ तो वह इसे नहीं देखेंगे. वेंस का यह फैसला दिखाता है कि वह दोषी की सजा से संतुष्ट हैं, लेकिन फांसी का लाइव प्रसारण के समर्थन में नहीं हैं.
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