'ईरान की समुद्री डकैती...', होर्मुज में UAE के सरकारी तेल टैंकरों पर ड्रोन अटैक

यूएई के विदेश मंत्रालय ने सीधे तौर पर इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया. मंत्रालय ने इसे समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता के संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया. ब्रिटेन की सेना ने भी बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय दो जहाजों पर ड्रोन से हमला किया गया.

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ईरान युद्ध के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा हुआ है (Photo: Representational) ईरान युद्ध के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा हुआ है (Photo: Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:42 PM IST

संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे उसके सरकारी तेल कंपनी ADNOC के दो तेल टैंकरों पर ड्रोन अटैक का आरोप लगाया है. यूएई के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इन हमलों को ‘समुद्री डकैती’ करार दिया. हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस घटना ने होर्मुज से एक से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ा दी है.

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ADNOC ने बताया कि उसके स्वामित्व वाले दो टैंकरों पर गुरुवार शाम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय हमला किया गया. कंपनी के मुताबिक, हमले में किसी को चोट नहीं आई और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है.

ब्रिटेन की सेना के यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने भी बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय दो जहाजों पर ड्रोन से हमला किया गया और उन्हें मामूली नुकसान पहुंचा. हालांकि, ब्रिटिश सैन्य संगठन ने जहाजों की पहचान नहीं बताई, लेकिन माना जा रहा है कि यह वही घटना है.

यूएई ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार

यूएई के विदेश मंत्रालय ने सीधे तौर पर इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया. मंत्रालय ने इसे समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता के संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया.

मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की ओर से समुद्री डकैती है. इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता, यहां रहने वाले लोगों और पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है.

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हालांकि ईरान की ओर से फिलहाल इस आरोप पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है और दुनिया के प्रमुख ऊर्जा मार्गों में शामिल है. यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक तेल और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है.

बातचीत के लिए मिडिल ईस्ट जाएंगे जेरेड कुशनर

इस बीच, गाजा में जारी संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर अगले हफ्ते मिडिल ईस्ट का दौरा करेंगे. उनका उद्देश्य गाजा में युद्ध खत्म करने की योजनाओं को आगे बढ़ाना है.

ट्रंप प्रशासन की ओर से हाल ही में घोषित एक समझौते को इजरायल की ओर से विरोध का सामना करना पड़ा है. ऐसे में कुशनर की यात्रा को बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

ट्रंप की ओर से इजरायल-हमास युद्ध में लागू नाजुक युद्धविराम की निगरानी के लिए बनाए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के एक अधिकारी के मुताबिक, कुशनर के साथ बोर्ड के वरिष्ठ प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी यात्रा करेंगे.

तीनों के रविवार को इजरायल पहुंचने की उम्मीद है. इसके बाद वे मिस्र की राजधानी काहिरा जाएंगे. यहां एक फिलिस्तीनी तकनीकी समूह की बैठकें पिछले कई महीनों से चल रही हैं. प्रस्तावित अमेरिकी मध्यस्थता वाले युद्धविराम समझौते के तहत इस समूह को भविष्य में गाजा का प्रशासन संभालना है. यात्रा की जानकारी रखने वाले अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि दौरे से जुड़ी विस्तृत योजना अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई है. 

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