मक्का पर ड्रोन हमले के सऊदी अरब के आरोपों के बीच हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि यमनी लोगों की जान, उनकी दौलत और उनके पास जो कुछ भी है, वह मक्का और सभी इस्लामी पवित्र स्थलों के लिए कुर्बान है. उन्होंने कहा कि हूती इन पवित्र जगहों की सुरक्षा को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं.
अब्दुल मलिक अल-हूती ने कहा कि सऊदी इलाके में उनके हमलों का फोकस हमेशा सैन्य ठिकानों, एयर बेस और तेल से जुड़ी संपत्ति पर रहा है. उनके मुताबिक, सऊदी की तेल से होने वाली कमाई ही वह जरिया है, जिस पर सऊदी अरब यमन के खिलाफ अपनी जंग के लिए निर्भर करता है.
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हूती नेता ने दक्षिणी और पूर्वी इलाकों के लोगों को भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हूती इन इलाकों के लोगों को निशाना नहीं बनाते. उन्होंने कहा कि उनका मकसद उन सैन्य जमावड़ों को निशाना बनाना है, जिन्हें सऊदी अरब ने यमनी लोगों पर हमला करने और उन्हें मारने के लिए लाया है.
सऊदी अरब ने हूतियों पर मक्का को निशाना बनाने की कोशिश का आरोप लगाया है. सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की के मुताबिक, सऊदी एयर डिफेंस ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया. यह ड्रोन शहर के प्रतिबंधित एयरस्पेस में दाखिल होने से पहले ही मार गिराया गया.
सऊदी अरब ने इस मामले में कहा है कि पवित्र स्थलों की सुरक्षा उसके लिए सख्त रेड लाइन है. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने तीर्थयात्रियों और पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की चेतावनी भी दी है.
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वहीं हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप को पूरी तरह खारिज किया है. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी और राजनीतिक ब्यूरो के सदस्यों ने इसे प्रचार के लिए फैलाया गया झूठ बताया. हूतियों का कहना है कि उनके हालिया सैन्य ऑपरेशन सऊदी के सरकारी तेल ठिकानों और सैन्य बेस पर केंद्रित रहे हैं.
हूतियों ने यानबू की एक सुविधा और ताइफ के एयरबेस का भी जिक्र किया. उनका दावा है कि ये ठिकाने पवित्र स्थलों से काफी दूर हैं.
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