पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कथित कत्लेआम और मुनीर आर्मी की हिंसक कर्रवाई के खिलाफ ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड में प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीरी समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता जताई और जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी की मांगों का समर्थन किया.
शहर के बीचोंबीच जुटे प्रदर्शनकारियों ने बैनर और तख्तियां लहराईं. उन्होंने बुनियादी अधिकारों, नागरिक आजादी और इंसानी गरिमा की सुरक्षा की मांग की. आयोजकों का कहना था कि इस रैली का मकसद पीओके में बिगड़ते मानवाधिकार हालात की तरफ दुनिया का ध्यान खींचना है.
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प्रदर्शन में बोलने वालों ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीने में चलाए गए सुरक्षा अभियानों की वजह से आम लोगों की जान गई है, लोगों में डर का माहौल बना है और स्थानीय समुदायों पर कई तरह की पाबंदियां पड़ी हैं. उनका यह भी कहना था कि इन हालात का असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर भी पड़ा है.
बल प्रयोग, घरों पर छापों और मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग, घरों पर छापों और मानवाधिकार उल्लंघन के दूसरे आरोपों की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और कानून का राज कायम रहना चाहिए.
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, मानवाधिकार संगठनों और ब्रिटिश सरकार से भी अपील की कि वे पीओके के हालात पर करीबी नजर रखें. साथ ही स्थानीय समुदायों की उठाई गई बातों का शांतिपूर्ण हल निकालने, बुनियादी आजादियों की रक्षा करने और हालात को समझने में मदद करें.
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फायरिंग के दौरान कई लोग मारे गए, कई घायल
आयोजकों के मुताबिक, पीओके के लोग पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई झेल रहे हैं. उनका दावा है कि हाल के महीनों में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग के दौरान कई लोग मारे गए या घायल हुए. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि क्षेत्र में चल रहे चुनाव में लोगों की भागीदारी कम रही और उसमें गड़बड़ियां भी देखने को मिलीं.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पीओके के लोग इस इलाके पर पाकिस्तान का नियंत्रण खत्म करने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति बहाल करने, जवाबदेही तय कराने और स्थानीय लोगों की जान व अधिकारों की हिफाजत में बड़ी भूमिका निभाने की अपील की. एएनआई.
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